Gwalior : भोपाल से आया बीमार कैदी अस्पताल से फरार, 2 जेल प्रहरी निलंबित

Gwalior : भोपाल से आया बीमार कैदी अस्पताल से फरार, 2 जेल प्रहरी निलंबित

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। जयारोग्य अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाज के लिए भर्ती एक कैदी देर रात जेल प्रहरियों को चकमा देकर फरार हो गया। कैदी के फरार होने के बाद ग्वालियर (Gwalior) जेल अधीक्षक लापरवाही बरतने पर दो जेल प्रहरियों को सस्पेंड (Suspend) कर दिया है। बीमार कैदी इलाज के लिए भोपाल (Bhopal) से ग्वालियर भेजा गया था।

ग्वालियर सेंट्रल जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू (Gwalior Central Jail Superintendent Manoj Kumar Sahu) ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp breaking news) को बताया कि बंदी मोहन अहिरवार को 18 दिसंबर को भोपाल सेंट्रल जेल (Bhopal Central Jail) से ग्वालियर भेजा गया था। वो मानसिक रूप से बीमार था, उसे इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल (Jairogya Hospital)  के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था।

उसकी देखभाल के लिए दो जेल प्रहरी (Prison guard) विपिन लोधी और अनीस खां को लगाया गया था। उन्होंने बताया कि कैदी मोहन अहिरवार को टीबी की बीमारी भी थी उसका भी इलाज चल रहा था। रात को उसे खून की उल्टियां भी हुई, वो चलने में भी असमर्थ था बावजूद इसके कैदी जेल प्रहरियों को चकमा देकर फरार हो गया। इसलिए लापरवाही पर दोनों जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं बन्दी के भागने की शिकायत पुलिस थाने में कर दी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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