Sidhi News – जंगली हाथियों का आतंक, तीन लोगों को कुचला, मौत   

Sidhi News – जंगली हाथियों का आतंक, तीन लोगों को कुचला, मौत   

सीधी, डेस्क रिपोर्ट। पिछले दो दिनों से संजय टाइगर रिजर्व (Sanjay Tiger Reserve) क्षेत्र के आसपास घूमकर आतंक मचा रहा जंगली हाथियों (Wild Elephants) के झुण्ड ने एक गाँव में घुसकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, वन विभाग और संजय टाइगर रिजर्व (Sanjay Tiger Reserve) का अमला मौके पर पहुंच गया। उधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

जानकारी के अनुसार संजय टाइगर रिजर्व (Sanjay Tiger Reserve)  क्षेत्र में 6 – 7 जंगली हाथियों (Wild Elephants) का झुण्ड पिछले दो दिनों से घूम रहा है ये आसपास के गांवों में घुसकर किसी की खेती उजाड़ रहा है तो किसी के कच्चे मकान और छप्परों को नष्ट कर रहा है। आतंक मचा रहे हाथियों (Wild Elephants) ने बीती रात संजय टाइगर रिजर्व से लगे पोड़ी खैरी गांव में आतंक ही नहीं मचाया बल्कि 3 लोगों की कुचलकर जान ले ली। घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है।

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सोमवार की रात करीब 10:30 बजे कुछ हाथियों (Wild Elephants) का झुंड़ खैरी गांव पहुंचा। गांव में घुसने के बाद हाथियों का झुण्ड उस घर के बाहर पहुंचा जहां राम पाल पुत्र राम बहोर 9 वर्ष और राम प्रसाद पुत्र राम भंवर 11 वर्ष अपने छोटे बाबा  गोरे लाल पुत्र सियाशरण 50 वर्ष के साथ घर में थे। जैसे ही हाथियों का झुंड़ उसके घर के पास पहुंचा तो वह घर से निकल कर भागने लगे।  बताया  जा रहा है कि  सबसे पहले हाथियों (Wild Elephants) ने गोरे लाल को सूंड से उठा लिया और जमीन पर पटककर उसपर पैर रख दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद रामपाल और राम प्रसाद को भी पैरों से दबा दिया। घटना के बाद से गाँव में आक्रोश है और कोहराम मचा हुआ है।  उधर प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को हरसंभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिला रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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