Smuggling: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव तस्करी मामले में 10 लोगों को किया गिरफ्तार

Smuggling: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव तस्करी मामले में 10 लोगों को किया गिरफ्तार

उज्जैन।योगेश कुल्मी।

उज्जैन एसटीएफ ने वन्यजीव तस्करी मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से एक रेड सैंड बोआ दो मुहा सांप और सुनहरी उल्लू किया बरामद पकड़ाए। आरोपियों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं है। दो मुंहे सांप और सुनहरी उल्लू की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत तीन से चार करोड़ रुपए है। सांप मेडिसिन बनाने के काम आता है और उल्लू को तंत्र क्रिया में उपयोग करते हैं। एसटीएफ ने गिरफ्तारी के बाद मामला वन विभाग को सौंपा।

उज्जैन की एसटीएफ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इंदौर रोड बायपास से 10 वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए तस्करों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं है। पुलिस ने इनके पास से एक सेंड गोआ दो मुंह का सांप और एक सुनहरी उल्लू बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस को बताया कि दो मुंह का सांप मेडिसिन बनाने के काम आता है। आसानी से बिक जाता है सांप और उल्लू की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में कीमत है। सुनहरी उल्लू तंत्र क्रिया में उपयोग किया जाता है। गिरोह की महिलाएं ग्राहक को तलाशने का काम करती हैं। पकड़ाए सभी तस्कर इंदौर और धार के हैं। आरोपियों से पुलिस ने एक टाटा टियागो फोर व्हीलर कार भी जप्त की है तस्करों से जो दो मुहा सांप पकड़ाया है वह करीब सवा 6 किलो वजन का है गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने मामला वन विभाग को सौंप दिया है। गिरफ्तार तस्कर रेखा माली, रश्मि यादव, मुकेश श्रीवास्तव ,वैभव चौहान, मनोज गिरी, चेतन खंडेलवाल ,सुधा पांडे, करन माली ,राजकुमार मालवीय है यह सभी इंदौर धार और राजगढ़ के निवासी हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews