एसपी की चेतावनी, आवरागर्दी करने वालों पर होगी सख्ती, मीडियाकर्मी का कार्ड जब्त

एसपी की चेतावनी, आवरागर्दी करने वालों पर होगी सख्ती, मीडियाकर्मी का कार्ड जब्त

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

लगातार पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद ग्वालियर में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अधिकारी कर्मचारी सुबह से ही सड़कों पर उतर जाते हैं और उन लोगों से पूछताछ करते है जो सड़कों पर बिना वजह घूम रहे हैं। एसपी का कहना है कि जो भी आवरागर्दी करता मिलेगा उसे बक्शा नहीं जायेगा। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ऐसे मीडियाकर्मी का कार्ड भी जब्त किया जो अपनी वैधता साबित नहीं कर सका। पुलिस ने उसका कार्ड जब्त कर जांच में ले लिया।

पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा लॉक डाउन में मिली छूट का लोग फ़ायदा नहीं उठाएं इसके लिए पुलिस चौकन्नी है। इसी के तहत सुबह दूध, ब्रेड और अंडे की दुकानों के लिए मिली 9 बजे तक की छूट के बाद चैकिंग बढ़ा दी जाती है और जो लोग सड़कों पर निकलते हैं उनसे पुलिस पूछताछ करती है। एसपी ने कहा कि मेडिकल इमरजेन्सी और मिस हेपनिंग में पुलिस आगे बढ़ कर मदद कर रही है लेकिन जो लोग आवारागर्दी के लिए निकल रहे हैं और बाहर निकलने का वाजिब कारण नहीं बता पाते उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। मैंने निर्देश दिये हैं कि लॉक डाउन के नियमों को गंभीरता से नहीं लेने वाले लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाए।

आज चैकिंग के दौरान पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ा जो खुद को मीडियाकर्मी बता रहा था। उसने अपना आई कार्ड भी दिखाया लेकिन मौके पर मौजूद अधिकतर पत्रकार और मीडियाकर्मियों ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। एसपी का कहना है कि इस युवक की जाँच की जा रही है। वो वैध है या नहीं उसके दस्तावेज चेक किये जा रहे हैं। यदि कोई गड़बड़ी मिली तो वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews