समर्थकों को अल्टीमेटम- 3 दिन में बताएं ”कौन सिंधिया के साथ और कौन विरोध में”

समर्थकों को अल्टीमेटम- 3 दिन में बताएं ”कौन सिंधिया के साथ और कौन विरोध में”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।ज्योतिरादित्य सिंधिया के पाला बदलते ही कांग्रेस ने समर्थकों पर कार्रवाई करना शुरु कर दिया है। उज्जैन के बाद ग्वालियर में समर्थकों पर सख्ती दिखाई गई है। समर्थकों से साफ साफ पूछा गया है कि 3 दिन में बताएं कि कौन सिंधिया के साथ है और कौन सिंधिया के विरोध।हैरनी की बात तो ये है कि ये अल्टीमेट तब जारी किया गया है सियासी संघर्ष अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है और सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान कमलनाथ सरकार की परीक्षा बहुमत की परीक्षा देना है।वही प्रदेशभर में सियासी सरगर्मियां बढ़ी हुई है।

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के साथ ही उनके समर्थकों में आस्था और समर्पण दिखाने की होड़ मच गई । सोशल मीडिया पर एक के बाद एक सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस नेताओं ने इस्तीफों के छड़ी लगा दी लेकिन अब जिला अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि सोशल साइट्स पर इस्तीफा देने वाले कांग्रेस नेता तीन दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि कौन सिंधिया के साथ है और कौन कांग्रेस के।

जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा के मुताबिक सिंधिया के समर्थन में उनके समर्थक सोशल साइट्स पर अपने पद और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तो इस्तीफे दे रहे हैं लेकिन जिला कांग्रेस कमेटी के पास अधिकृत सूचना किसी ने नहीं दी है। जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला कांग्रेस के पास अभी केवल दो सिंधिया समर्थक नेता केसी राजपूत और काशीराम देहलवार का ही अधिकृत इस्तीफा मिला है। उन्होंने बताया कि संगठन ने मंगलवार तक ऐसे सभी नेताओं से अपनी स्थिति पार्टी कार्यालय में स्पष्ट करने के लिए कहा है। जो लोग समय सीमा में इस्तीफा दे देंगे उन्हीं का इस्तीफा मान्य किया जायेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews