पुजारी से मारपीट करना TI को पड़ा भारी, IG ने किया लाइन अटैच

पुजारी से मारपीट करना TI को पड़ा भारी, IG ने किया लाइन अटैच

रीवा। अखिल त्रिपाठी।

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में टीआई राजकुमार मिश्रा को पुजारी से मारपीट करना महंगा पड़ गया है। आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीआई को लाइन अटैच कर दिया है।अब शिवपूजन विशेन नए सिविल लाइन के नए थाना प्रभारी होंगे।हैरानी की बात ये है कि राजकुमार मिश्रा का तबादला पहले ही हो चुका था, बावजूद इसके वह रीवा में ही सेवा दे रहे थे।

दरअसल,  बीते दिनों धारा 144 के उल्लंघन के दौरान उन्होंने कार्रवाई करते हुए मंदिर के एक पुजारी के साथ मारपीट कर दी थी। इतना ही नही एक देवी मंदिर परिसर में जूते पहनकर  घुस गए थे और पूजा की सामग्री को भी फेंक दिया था, इस दौरान किसी ने उनकी फोटो क्लिक कर सोशल मीडिया पर डाल दी थी। जैसे ही फोटो वायरल हुई लोगों में आक्रोश बढ़ गया था। सड़कसे लेकर सोशल मीडिया तक टीआई के रवैये की निंदा की जानी लगी थी।

इसके अलावा थाना प्रभारी के इस कृत्य से जहाँ एक ओर इमानदार व बेदाग एसपी आबिद खान पर धर्म विशेष को लेकर आरोप लग रहे थे वहीं दूसरी ओर सामाजिक सद्भावना बिगड़ती दिख रही थी ।इसके बाद थाना प्रभारी के इस कृत्य की शिकायत ट्वीट एवं पत्राचार के माध्यम से सीधे सीएम शिवराज सिंह चौहान, पुलिस मुख्यालय समेत पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला से भी की गई थी, जिसके बाद आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीआई को लाइन अटैच कर दिया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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