मप्र उपचुनाव 2020 : 28 सीटों पर मतदान जारी, वोटरों में उत्साह, समय से पहले ही पहुंचे

मप्र उपचुनाव 2020 : 28 सीटों पर मतदान जारी, वोटरों में उत्साह, समय से पहले ही पहुंचे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 28 विधानसभा (28 Vidhansabha) क्षेत्रों में उपचुनाव (By-election) के लिए मंगलवार (Tuesday) को मतदान हो रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच 63 लाख 68 हजार से ज्यादा मतदाता 355 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने वाले है। सात बजे से ही पहले ही मतदान केद्रों (Pooling Booth) पर मतदाता (Voters) पहुंचने लगे थे।

मतदान केंद्र और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस बार चुनाव कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के बीच हो रहे है, इसके चलते तमाम मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing), सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग मशीन (Thermal Screening), मास्क (Mask) आदि की व्यवस्था की गई है। वहीं, मतदाता अगर एक साथ ज्यादा संख्या में मतदान केंद्रों पर आते है तो उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो इसके भी चुनाव आयोग (Election Commission) ने इंतजाम किए है। अतिरिक्त बैठक की व्यवस्था की गई है।

मतदाताओं में दिख रहा उत्साह
उपचुनाव में मतदान करने को लेकर कई इलाकों में मतदाताओं में उत्साह नजर आ रहा है, यही कारण है कि मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

कुल 9361 मतदान केंद्र
मतदान शुरू होने से पहले उम्मीदवारों (Candidates) के पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति में मॉकपोल (Mock Pole) कराया गया और उसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है वहां कुल नौ हजार 361 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। मतदान के लिए 13 हजार 115 बैलेट यूनिट, 13 हजार 115 कंट्रोल यूनिट एवं 14 हजार 50 वीवीपैट जिलों में उपलब्ध कराई गई हैं।

अर्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात
उपचुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अर्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात की गई है। इसके अलावा एसएएफ की 30 कंपनियों को अतिरिक्त सुरक्षा के लिए लगाया गया है। राज्य में सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया, जो शाम छह बजे तक चलेगा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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