प्रियंका ने सिंधिया के लिए छोड़ा रास्ता, अब इस राज्य से करेंगी राज्यसभा में एंट्री!

Congressional-Mission-UP--Priyanka-41

ग्वालियर।अतुल सक्सेना। राज्यसभा के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस पर अटकलें तेज होने लगी हैं कि प्रियंका गांधी-ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे युवा और प्रभावशाली चेहरों को राज्यसभा भेजा जाए। एमपी के कुछ नेता प्रियंका को एमपी से राज्यसभा भेजने की वकालत कर रहे हैं। इस बीच खबर है कि प्रियंका गांधी, सिंधिया के लिए एमपी छोड़ सकती हैं और वे राजस्थान से राज्यसभा भेजी जा सकती हैं।

सदन में अपनी बात रखने में कई बार कमजोर साबित हुई कांग्रेस अब राज्यसभा के माध्यम में ताकत बढ़ाना चाहती है और इसलिए वो लोकसभा चुनाव हार चुके लेकिन जनता में बहुत लोकप्रिय एवं केंद्र सरकार को प्रभावित करने वाले प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं को राज्यसभा भेजना चाहती हैं। सिंधिया का चूंकि मध्यप्रदेश में बहुत दबदबा है इसलिए उनके समर्थक उन्हें यहीं से राज्यसभा में देखना चाहते हैं लेकिन पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित कुछ सिंधिया विरोधी खेमे के कांग्रेसी सिंधिया नहीं, प्रियंका गांधी को एमपी से राज्यसभा भेजना चाहते हैं उनका तर्क है कि इससे प्रदेश में कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी। उधर कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों की माने तो प्रियंका गांधी ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए एमपी छोड़ सकती हैं। पार्टी उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेज सकती है। प्रियंका की टीम से जुड़े सूत्र की मानें तो प्रियंका गांधी ज्योतिरादित्य सिंधिया के रास्ते में बिल्कुल नहीं आना चाहतीं। गौरतलब हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बीच की केमिस्ट्री बहुत अच्छी है इसलिए। तीनों नेता कोई भी ऐसा कदम उठाने के मूड में नहीं है जिसका असर जमीनी कार्यकर्ताओं पर पड़े।

राजस्थान से जुड़े कांग्रेस सूत्रों की बात पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी यही चाहते हैं कि प्रियंका उनके यहां से राज्यसभा जाएं वहीं सचिन पायलट और राजस्थान कांग्रेस संगठन भी इसके पक्ष में है। हालांकि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में ही कांग्रेस की जमीन तैयार करने में पूरा ताकत लगा देने के पक्ष में हैं। यहाँ बता। दें कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से कांग्रेस को राज्यसभा में आठ सीटें मिल सकती हैं। इसलिए पार्टी गणित बैठा रही कि है अपने दिग्गज नेताओं को इन तीनों राज्यों से राज्यसभा पहुंचा दे और सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रख सके।

भाजपा कांग्रेस में जोड़ तोड़ शुरू

चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश से 9 अप्रैल 2020 को खाली हो रही 3 राज्यसभा सीटों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र ही विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। आयोग ने चुनाव कराने के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को निर्वाचन अधिकारी बनाया है। अप्रैल में खाली हो रही तीन सीटों में से अभी बीजेपी के पास दो सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में एक सीट है जिस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह काबिज हैं| भाजपा के राज्यसभा सदस्य उपाध्यक्ष प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया (अनुसूचित जाति) का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इस सीट पर जहां प्रभात झा तीसरी पारी खेलने की तैयारी में हैं तो बाकी नेता नेताओं ने भी राज्यसभा सदस्य बनने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। वहीं दिग्विजय सिंह भी दोबारा राज्यसभा जाने की पूरी कोशिश में लगे हैं। विधानसभा की दलीय स्थिति के मुताबिक एक सीट भाजपा, एक कांग्रेस को मिलेगी, लेकिन तीसरी सीट के लिए घमासान होगा।

संख्याबल के हिसाब से रोचक होगा मुकाबला

तीन सीटों में से कांग्रेस और भाजपा के एक-एक प्रत्याशी की जीत की संभावना तय है| जबकि तीसरे सदस्य के मामले में हाल फिलहाल कांग्रेस का पलड़ा भारी है। निर्वाचन के लिए कम से कम 58 विधायकों के वोटों की जरूरत है। यानी कांग्रेस और भाजपा अपने एक-एक उम्मीदवार को राज्यसभा में आसानी से पहुंचा सकते हैं। लेकिन तीसरे प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस की राह भाजपा के मुकाबले आसान है। तीसरी सीट के लिए निर्दलीय विधायकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण होगी। एक सदस्य के लिए 58 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ती है, इस लिहाज से तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के 56 और भाजपा के पास 50 विधायक बचेंगे। कांग्रेस को जहां दो वोट की जुगाड़ करनी होगी, वहीं भाजपा को आठ वोटों की जरूरत होगी। दोनों दलों की नजर निर्दलीय विधायकों पर होगी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews