प्रशासन की मनमानी और अभद्रता के विरोध में थोक सब्जी व्यापारी रविवार से हड़ताल पर

प्रशासन की मनमानी और अभद्रता के विरोध में थोक सब्जी व्यापारी रविवार से हड़ताल पर

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर जिला प्रशासन (Gwalior District Administration) की मनमानी और सब्जी व्यापारी के साथ की गई मारपीट और अभद्रता के विरोध में थोक सब्जी व्यापारियों ने कल रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite strike)की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है प्रशासन हमारे साथ अत्याचार कर रहा है जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

ग्वालियर की थोक सब्जी मंडी लक्ष्मीगंज (Wholesale Vegetable Market Laxmiganj) के अध्यक्ष नवनीत पाठक आशु ने कल रविवार से विरोध प्रदर्शन और बंद का ऐलान किया है। व्यापारियों का कहना है प्रशासन 622 व्यापारियों को नई मंडी में बनी 200 दुकानों में भेजना चाहता है जो संभव ही नहीं हैं। हम कैसे वहाँ व्यापार करेंगे। उन्होंने कहा कि ये मंडी भी नो एंट्री में है और नई मंडी भी नो एंट्री में है। यहाँ केवल रात को 11 बजे से सुबह 4 बजे तक सब्जी आ पाती है यदि इस पिरिएड में गाड़ी नहीं आई तो सड़क पर सब्जी खराब हो जाती है या पुलिस को एंट्री देनी पड़ती है। जुर्माने के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये वसूले जाते हैं। जिससे हमें जनता को महंगी सब्जी देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए कल प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक थी बैठक में एडीएम एसडीएम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी थे। इसी दौरान कुछ लोगों के कहने पर अधिकारियों ने हमारे लाइसेंसी सब्जी व्यापारी राहुल कुशवाह के साथ मारपीट की गई उसे गुंडा कहा गया। । हम चाहते हैं कि अभद्रता करने वाले प्रशासनिक अधिकारी पर कार्रवाई हो। व्यापारियों ने कहा कि हम इन सब बातों को लेकर रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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