भू-माफियाओं पर महिला अधिकारियों ने कसा शिकंजा, कमिश्नर ने की तारीफ़

भू-माफियाओं पर महिला अधिकारियों ने कसा शिकंजा, कमिश्नर ने की तारीफ़

जबलपुर, संदीप कुमार

जो काम बीते पांच साल में कोई और अधिकारी नही कर सका वो काम किया है रांझी एसडीएम दिव्या अवस्थी ने।जी हाँ तहसीलदार स्वाति सूर्या,नायाब तहसीलदार रूपेस्वरी,थाना प्रभारी निरुपमा पांडे को साथ लेकर अपनी महिला ब्रिगेड टीम बनाई और कर दिया भू माफियाओं का सालों से जमे किले को ध्यस्त।आज इस महिला ब्रिग्रेड की टीम की हर तरफ तारीफ भी हो रही है।

जबलपुर संभाग कमिश्नर ने की महिला अधिकारियों के कार्य की प्रशंसा

भू माफियाओं पर की गई कार्यवाही को लेकर जबलपुर संभाग कमिश्नर महेश चंद्र चौधरी ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से महिलाओं का इस तरह से कार्रवाई करना और वह भी उन भू माफियाओं के खिलाफ जो कि सालों से सरकारी जमीन पर अपना किला बनाए रखे थे यह निश्चित रूप से प्रशंसा की बात है।कमिश्नर ने सभी महिला अधिकारियों को उनके इस कार्य के लिए बधाई दी।

महिला सशक्तिकरण का दिया उदाहरण

जबलपुर संभाग कमिश्नर ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है यूं तो महिला अधिकारियों की बहुत से कार्यवाही भी देखी है पर जिस तरह से जबलपुर के दो बड़े भूमाफिया जो कि शासन की करोड़ो रु की जमीन पर अपना कब्जा जमाए हुए बैठे थे उन पर इस तरह की कार्यवाही करना भू माफियाओं को एक सबक है।

सालों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था दिलशाद खान और सतीश सागर ने

हम आपको बता दे कि रांझी अनुभाग के मोहनिया में दोनो ही भू माफिया दिलशाद खान और सतीश सागर ने करोड़ो रु की जमीन पर अपना कब्जा जमा कर रखा था इतना ही नही उस जमीन पर बिल्डिंग भी तान दी थी जिसे की महिला अधिकारियों ने ध्वस्त करवा दिया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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