एमपी में यहां बाँस बल्ली लगाकर युवक-युवतियों ने किया रास्ता बंद

एमपी में यहां बाँस बल्ली लगाकर युवक-युवतियों ने किया रास्ता बंद

मुरैना।संजय दीक्षित।

नगर निगम क्षेत्र के शिकारपुर गांव में स्थानीय युवाओं महिलाओं ने कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए अनूठी जंग शुरू की है ।जिसमें कोरोना से बचने के लिए उन्होंने गांव के सभी प्रवेश द्वारों को अपने स्तर पर सील कर दिया है। बांस बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग करने के साथ ही एक बैनर भी टांगा है। जिसमें लिखा गया है कि देश हित में हम मोदी जी के साथ हैं और गांव में किसी बाहरी व्यक्ति व रिश्तेदार का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

शिकारपुर गांव से चार पांच रास्ते ऐसे हैं जिनसे होकर कई गांव के लोग आते जाते रहते हैं कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दिशा में गांव के युवाओं ने यह पहल शुरू की है। इन सभी रास्तों पर गांव के दो-तीन युवा हर समय तैनात रहते हैं। जिसमें आधा दर्जन महिलाओं को भी साथ में लिया गया है, अगर कोई महिला गांव में घुसने का प्रयास करती है तो गांव की महिलाएं उसे रोक देती है ।गांव का व्यक्ति भी यदि बाहर से आता है तो परीक्षण कराए जाता है और 14 दिन होम क्वॉरेंटाइन के लिए भेज दिया जाता है।इसके साथ ही आसपास के लोगों ने काँटों की झाड़ियों और खटिया लगाकर रास्ते को अवरूद्ध कर दिया हैं।जिससे कोरोना जैसी बीमारी को गाँव मे फैलने से बचाया जा सके।इस अनूठी पहल से आसपास के लोगों में जागरूकता पैदा हुई हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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