ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान कनेक्शन उजागर, 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

पुलिस द्वारा दाखिल की गई 2500 पन्नों की चार्जशीट अब अदालत में यह साबित करने का आधार बनेगी कि ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारों पर काम कर रही थी।
ज्योति मलहोत्रा

ज्योति मलहोत्रा

हरियाणा के हिसार से गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपों में फंसी ज्योति के खिलाफ पुलिस ने 2500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में ज्योति के पाकिस्तान कनेक्शन और उसके एजेंट्स से संपर्क के पूरे सबूत दर्ज किए गए हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में पाया कि ज्योति को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI टूलकिट के रूप में इस्तेमाल कर रही थी। उसके खिलाफ मिले इलेक्ट्रॉनिक सबूत इस मामले को और गंभीर बनाते हैं।

मोबाइल चैट्स से उजागर हुआ नेटवर्क

पुलिस जांच में यह सामने आया कि ज्योति पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात दानिश अली के साथ लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच कई चैट्स पुलिस को उसके मोबाइल फोन से मिली हैं। इसके अलावा ज्योति की बातचीत ISI एजेंट शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों से भी होती थी। पुलिस ने दावा किया है कि ज्योति और हसन नाम के एक एजेंट के बीच हुई बातचीत में संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान के संकेत मिले हैं। इन चैट्स को चार्जशीट में शामिल किया गया है, जिससे अदालत में ज्योति के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।

विदेश यात्राओं पर भी उठे सवाल

ज्योति मल्होत्रा ‘ट्रैवल विथ जेओ’ नामक यूट्यूब चैनल चलाती थी और अक्सर विदेश यात्राएं करती थी। पुलिस की केस डायरी में उसकी सभी यात्राओं का विस्तृत उल्लेख है। जांच में यह पाया गया कि ज्योति पाकिस्तान टूर के दौरान पाकिस्तानी एजेंट्स के संपर्क में आई थी। उसकी यात्राओं और वहां हुई मुलाकातों को चार्जशीट में दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन यात्राओं का उपयोग ज्योति ने संवेदनशील जानकारियां साझा करने के लिए किया।

जासूसों के नेटवर्क पर गिरी गाज

इस मामले ने न केवल ज्योति मल्होत्रा को बल्कि पाकिस्तान से जुड़े अन्य लोगों को भी कठघरे में खड़ा किया है। 13 मई को पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश को भारत सरकार ने जासूसी में संलिप्त पाए जाने पर निष्कासित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी समन जारी कर पूछताछ की है। माना जा रहा है कि ज्योति का इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सूचनाएं इकट्ठा करने और आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था। ज्योति पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है और आने वाली सुनवाई में पुलिस इस चार्जशीट के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

सोशल मीडिया पर नजर

ज्योति मल्होत्रा का मामला इस बात की बड़ी मिसाल है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इन्फ्लुएंसर नेटवर्क का इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। पुलिस द्वारा दाखिल की गई 2500 पन्नों की चार्जशीट अब अदालत में यह साबित करने का आधार बनेगी कि ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारों पर काम कर रही थी। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अहम होगी, क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा है।

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