बुरहानपुर जिले के सीनियर आदिवासी छात्रावास से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां रहने वाले छात्रों को उन्हें परोसी गई खिचड़ी में इल्लियां मिली। अपनी थाली में इस तरह का भोजन देख बच्चे आक्रोशित हो गए और 2 किलोमीटर पैदल चलते हुए सीधा कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे।
कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचकर बच्चों ने अधिकारियों से छात्रावास में मिलने वाले घटिया भोजन की शिकायत की। छात्रों ने यह भी बताया कि अधीक्षक हमेशा गायब रहते हैं। भोजन में इल्लियां निकली है और उन्होंने भोजन नहीं किया है और शिकायत करने के लिए यहां पर आए हैं। मामले की गंभीरता देखते हुए प्रशासन तुरंत ही सक्रिय हुआ और रातों रात जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र
जब छात्रावास में रहने वाले बच्चे अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर पहुंचे। उसके बाद जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने खाद्य विभाग के कमलेश डावर और डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला को छात्रावास में भेज कर छात्रों की समस्या देखने को कहा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रसोई और खिचड़ी की जांच की।
मिला खराब गुणवत्ता का भोजन
जब भोजन की जांच की गई तो इसकी गुणवत्ता बहुत खराब थी और खिचड़ी में इल्लियां नजर आ रही थी। किचन में भारी गंदगी देखने को मिली। मसाले खुले रखे हुए थे और काफी अव्यवस्था देखने को मिली। इस तरह की स्थिति देखकर डिप्टी कलेक्टर ने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई।
जांच के लिए भेजे सैंपल
इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। यह सैंपल जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। जो भी रिपोर्ट आती है उसके बाद संबंधित पर नियमों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षक को किया निलंबित
इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हुए खिलवाड़ के चलते छात्रावास अधीक्षक सम्राट सोनवणे को निलंबित कर दिया गया है। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार जनजातिया कार्य विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने इस निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया है कि मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। छात्रावास की व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहे इसके लिए उत्कृष्ट बालक छात्रावास के अधीक्षक सुरेश करोड़ा को इस छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।






