अस्पताल में कोरोना मरीज की जिंदादिली, नगमें गाकर बहला रहे सबका दिल, देखिये वीडियो

अस्पताल में कोरोना मरीज की जिंदादिली, नगमें गाकर बहला रहे सबका दिल, देखिये वीडियो

बुरहानपुर/शेख रईस

बुरहानपुर में लगातार कोरोना का प्रकोप बढता जा रहा है। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकडा 195 तक पहुंच गया है जो शहर की जनता, स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन के लिए चिंता का तो कारण बना हुआ है। कोरोना के खिलाफ जंग में जनता लॉक डाउन का पालन कर रही है वहीं कोरोना योध्दा कलेक्टर, एसपी से लेकर पुलिस स्वास्थ्यकर्मी सफाईकर्मी डटकर कोरोना का मुकाबला कर रहे हैं। लेकिन इस लडाई में जाने अनजाने में कोरोना से संक्रमित हुए मरीज भी पीछे नहीं है।

इसकी एक बानगी उस समय देखने को मिली जब बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा के निजी सचिव व कोरोना संक्रमित संजय सिंह गहलोत निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हिम्मत बनाए हुए हैं। वह खूद और अपने साथी कोरोना मरीजों और उनकी सेवा में लगे डॉक्टर नर्स पैरामेडिकल स्टाफ का अपनी सुरीली आवाज से गीत गाकर उनका मनोरंजन कर रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। उधर 19 ठीक हुए मरीजों में शामिल जिला अस्पताल में वार्ड बाय शिवा जंगाले जो कोरोना पॉजिटिव होकर सरकारी कोविड केयर सेंटर में 14 दिन के इलाज के बाद स्वस्थ्य हो गए उन्होने लोगों को संदेश में कहा सावधानी से कोरोना से बचा जा सकता है, अगर कोरोना हो जाए तो घबराए नहीं सरकारी अस्पताल में काफी अच्छा इलाज किया जा रहा है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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