पुलिस ने शुरू किया “कैफेटेरिया”, कोरोनो की जंग में जुटे जवानों का उत्साहवर्धन करेंगीं ASP तारणेकर

पुलिस ने शुरू किया “कैफेटेरिया”, कोरोनो की जंग में जुटे जवानों का उत्साहवर्धन करेंगीं ASP तारणेकर

बुरहानपुर।शेख रईस|
कैफ़े टेरिया का नाम सुनते ही लोगो को लगता है जैसे किसी कॉफी हाउस के बारे में बात हो रही है | लेकिन मध्यप्रदेश में बुरहानपुर की पुलिस ने इस अभिनव पहल की शुरुआत की है जिसका नाम कैफे टेरिया रखा गया है। ASP महेंद्र तारणेकर ने बताया कि इस मुहिम की शुरुआत कोरोना की लड़ाई में जनसेवा में लगे पुलिस के जवानों के उत्साह वर्धन करने के लिए इस सेवा को शुरू किया गया है| इस लिए हम इसे कोरोना वीरो को समर्पित कर रहे है ये सेवा पुलिस द्वारा पुलिस के लिए शुरू की गई है।

CSP देवेंद्र यादव ने बताया कि बुरहानपुर जिले के 4 थाना क्षेत्र में जगह जगह पोइंट पर 24 घटे कोरोना से जंग में लोगो की हिफाज़त में लगे हमारे जवानों को कॉफी चाय पानी की व्यवस्था विभाग द्वारा की जा रही है | कैफेटेरिया वैन के माध्यम से की गई है। ट्रैफिक सूबेदार हेमंत पाटीदार ने बताया कि कैफ़े टेरिया वैन की आज से शुरुआत की गई है, कोरोना वायरस से लड़ाई में ड्यूटी कर रहे जवानों के लिए वैन शुरू की गई है जिसका आज ASP तारणेकर जी ,CSP देवेंद्र यादव जी ने इस सेवा की सुरुवात की है| वैन ने शनवारा, जयस्तंभ, गांधी चौक,मंडी, आदि क्षेत्रो में सेवा दे रहे जवानों को कॉफी का विरतण किया| पॉइंट पर सेवा दे रहे पुलिस कर्मीयो को जैसी ही कैफ़े टेरिया वैन से कॉफी मिली तो उनके चेहरे खिल उठे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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