जिम्मेदार ही नहीं मान रहे नियम, दो गज की दूरी अपनाए बिना बांट दी पीपीई किट

जिम्मेदार ही नहीं मान रहे नियम, दो गज की दूरी अपनाए बिना बांट दी पीपीई किट

शेख रईस| बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में कोरोना माहमारी से बचाव के लिए रोटरी क्लब बुरहानपुर द्वारा पीपीई किट का विरतण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।रोटरी क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शकील खान ,रोटरी क्लब बुरहानपुर के अध्यक्ष मोहम्मद मर्चेंट, सचिव सौरभ श्रॉफ,मंसूर सेवक सहित यूनानी प्रोफेशनल एसोसिएशन (आयुष) के अध्यक्ष डॉ.एसएम सादिक़ सहित चिकित्साकों की उपस्थिति में 100 पीपीई किट का विरतण किया गया।

सोशल डिस्टेंस का नही किया पालन

लेकिन इस दौरान किस ने भी सोशल डिस्टेंसिग के नियमो का पालन करना जरूरी नही समझ इस पूरे आयोजन की बाकायदा प्रेस नोट रोटरी क्लब की और से जारी किया गया जिसमें साफ देखा जा सकता है कि जिम्मेदार ही जब नियमों का पालन नही करेंगे तो जनता इसका क्या संदेश जायेगा। साथ सीमित संख्या होने के बावजूद कार्यक्रम में उपस्थित
यूनानी प्रोफेशनल एसोसिएशन (आयुष) कई सदस्यों के नाम तक नही दिए गए।

चिकित्सा सेवा देने वाले हमारे डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ व स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए इस मानवीय आपदा में जिस समर्पण से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं लेकिन ऐसे मे इस गंभीर बीमारी के संक्रमण को लेकर असावधानी घातक हो सकती है।

डोनेशन दिया संस्था ने

यूनानी प्रोफेशनल एसोसिएशन (आयुष) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. फरीद काज़ी ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा के मद्देनजर हमारी संस्था द्वारा रोटरी क्लब को इस कार्य के लिए दस हजार रु.डोनेशन दिया गया था जिसके बाद रोटरी क्लब द्वारा डॉक्टरों के लिए पीपीई किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में डॉ शकील अहमद ने यूनानी चिकित्सकों को पीपीई किट पहन कर ही मरीजों का उपचार करने हेतु निर्देशित किया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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