‘शेरा” के भाई के बाद बहू, भतीजा और पोता भी कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप

कांग्रेस

बुरहानपुर।

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा का पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आ गया। भाई के कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आने के बाद आने के बाद विधायक की बहू, भतीजा, सवा साल के पोते की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, कुछ दिन पहले शेरा के भाई के साथ 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में कंटेन्मेंट क्षेत्र में लागातर जांच कर सर्वे शुरु कर दिया था और 116 लोगो के सैंपल जांच करने भेजे गए थे जिनमे से रविवार को 57 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, इसमें शैरा भैय्या का नाम भी शामिल था। वही सोमवार को 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।इसके बाद आज मंगलवार को जारी रिपोर्ट में विधायक की बहू, भतीजा, सवा साल का पोता भी संक्रमित पाए गए है। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एक साथ इतने लोगों के संक्रमित होने पर सवााल खड़े हो रहे है कि आखिर विधायक के परिवार के लोग इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित कैसे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी ट्रैवेल हिस्ट्री के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।

हैरानी की बात ये है कि केन्द्र की जारी लिस्ट मे एमपी का यह जिला ऑरेंज जोन है लेकिन आज सोमवार-मंगलवार को लगातार कोरोना मरिजों के मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मरीजों की संख्या यहां 35 पहुंच गई है, ऐसे में इसके रेड जोन में जाने के आसार है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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