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म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी खबर! SEBI करेगा KYC नियमों में बदलाव, अब और भी सख्त होगी प्रक्रिया

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के KYC प्रोसेस में बदलाव करने जा रहा है। अब ​निवेशकों के दस्तावेजों की जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती तब तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। हालांकि सेबी ने KYC प्रक्रिया में बदलाव से पहले आम जनता और निवेशकों से सुझाव मांगे हैं। 14 नवंबर 2025 तक कोई भी निवेशक या अन्य हितधारक अपनी राय SEBI के वेब पोर्टल पर दे सकता है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी खबर! SEBI करेगा KYC नियमों में बदलाव, अब और भी सख्त होगी प्रक्रिया

Mutual fund KYC rules changes

आज महंगाई के दौर में जहां पैसों की बचत की बात आती है तो कई सारी जगह हम निवेश करते हैं जिसमें से एक म्यूचुअल फंड भी है। म्यूचुअत फंड में लाखों लोग इन्वेस्ट करते हैं और एक छोटी सी बचत करते हैं। म्यूचुअत में खाता खोलना आसान होता है और एक केवाईसी होती है। पहले आसानी से लोगों की केवाईसी हो जाती थी लेकिन अब SEBI ने नियमों को और सख्त करने जा रहा है।

बता दें कि म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए दीर्घकालिक धन सृजन और अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के पसंदीदा तरीकों में से एक बनकर उभरे हैं। निवेशकों की केवाईसी अब पूरी जांच के बाद संपन्न होगी। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है, जो निवेशकों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

SEBI ने जारी किया कंसलटेशन पेपर

SEBI ने म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने और पहला निवेश करने के लिए एक यूनिफॉर्म प्रोसेस बनाने की बात कही गई है। इस संबंध में सेबी ने गुरुवार को एक कंसलटेशन पेपर जारी किया है। मार्केट रेगुलेटर SEBI का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी निवेश की इजाजत मिलने से पहले सभी नए फोलियो असेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) और KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी (KRA), दोनों स्तरों पर पूरी तरह से KYC नियमों का पालन करें। बता दें कि SEBI का मकसद निवेशकों को गलत लेन-देन और प्रक्रिया में होने वाली देरी से बचाना है।

अब कब डाल पाएंगे निवेश राशि?

अब जब तक निवेशक की KYC पूरी नहीं हो जाती और दस्तावेजों की सत्यापन नहीं हो जाता तब तक निवेश राशि नहीं डाल सकते। एक बार निवेशकों के दस्तावेज की जांच हो जाएगी तो फिर आप निवेश राशि डाल सकते हैं। पहले AMC अपने इंटरनल KYC चेक के आधार पर तुरंत निवेश स्वीकार कर लेती थी, जिससे बाद में KYC में गड़बड़ी होने पर निवेशकों को रिडेम्पशन, डिविडेंड या नोटिफिकेशन में देरी का सामना करना पड़ता था। नए नियम के तहत, एसेट मैनेजमेंट कंपनी पहले सभी डॉक्यूमेंट और इंटरनल जांच पूरी करेगी, उसके बाद फोलियो KRA को भेजा जाएगा और सत्यापन के बाद ही पहली निवेश राशि निवेशक द्वारा जमा हो सकेगी।

KYC प्रक्रिया में क्या होगा बदलाव?

बता दें कि सेबी ने KYC प्रक्रिया में बदलाव से पहले आम जनता और निवेशकों से सुझाव मांगे हैं। 14 नवंबर 2025 तक कोई भी निवेशक या अन्य हितधारक अपनी राय SEBI के वेब पोर्टल पर दे सकता है। वहीं प्रक्रिया में बदलाव की बात करें तो AMC नए फोलियो केवल तभी बनाएंगे, जब खाता खोलने के सभी दस्तावेज मिल जाएं और आंतरिक KYC जांच पूरी हो जाए। इसके बाद दस्तावेज KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी (KRA) को भेजे जाएंगे, जो अंतिम KYC वेरिफिकेशन करेगा।

पहली निवेश रकम तभी डाली जा सकेगी, जब KRA की ओर से KYC वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा। निवेशकों को हर चरण में उनके KYC स्थिति के बारे में ईमेल और मोबाइल नोटिफिकेशन से सूचित किया जाएगा।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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