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एक बार फिर तेज हुआ चीनी Smartphones का विरोध, OnePlus, iQOO, POCO जैसे बड़े ब्रांड्स को बैन करने की उठी मांग

Written by:Rishabh Namdev
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देश में कुछ पहले चीनी प्रोडक्ट्स पर जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। वहीं अब एक बार फिर चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। जानिए यह क्या मामला है?
एक बार फिर तेज हुआ चीनी Smartphones का विरोध, OnePlus, iQOO, POCO जैसे बड़े ब्रांड्स को बैन करने की उठी मांग

देश में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के खिलाफ विरोध एक बार फिर से तेज होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर एसोसिएशन (AIMRA) और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) जैसे संगठनों द्वारा हाल ही में चीनी ब्रांड्स OnePlus, iQOO और POCO पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई है। बता दें की इन संगठनों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि ये चीनी कंपनियां नियमों का पालन ठीक से नहीं कर रही हैं, जिसके चलते भारतीय मोबाइल उद्योग और सरकार को नुकसान पहुंच रहा है।

हालांकि, चीनी कंपनियों के बढ़ते हुए प्रभाव को देखते हुए व्यापारिक संगठनों ने इनके खिलाफ अब आवाज उठाई है। दरअसल व्यापारिक संगठनों का आरोप है कि ये ब्रांड्स द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री में अनुचित व्यावसायिक नीतियों का भी उपयोग किया जा रहा हैं, जिससे देश के स्थानीय खुदरा विक्रेताओं को भारी नुकसान हो रहा है।

इन ब्रांड्स पर उठे सवाल

दरअसल देश में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की लोकप्रियता की बात की जाए तो यह हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़ती हुई दिखाई दी है। इसमें शामिल OnePlus, iQOO और POCO जैसे बड़े बड़े ब्रांड्स ने अपनी सस्ती कीमतों और उन्नत फीचर्स के चलते भारतीय स्मार्टफोन बाजार में भी उपभोक्ताओं के बीच मजबूत पहचान बनाई है। जानकारी के मुताबिक फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर त्योहारी सीज़न में भी इन ब्रांड्स के फोन बड़ी छूट के साथ मिल रहे हैं। वहीं कम कीमत में मिल जानें के चलते इनकी मांग में और इज़ाफा हो रहा है।

लगाया बड़ा आरोप

दरअसल AIMRA के गंभीर आरोपों के चलते, अब इन चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के खिलाफ कई गंभीर मुद्दे उठते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं संगठन का मानना है कि ‘OnePlus, iQOO और POCO जैसी कंपनियां ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर ग्राहकों को अत्यधिक छूट दे रही हैं, इससे देश के खुदरा बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।’ दरअसल AIMRA ने यह भी आरोप लगाया है कि इन कंपनियों ने करों में गड़बड़ी की है, जिससे सरकार के राजस्व को हानि हो रही है। इतना ही नहीं संगठन ने बड़ा आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि ये कंपनियां ग्रे मार्केट को प्रोत्साहन दे रही हैं, जिससे अवैध रूप से मोबाइल फोनों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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