तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष करुणा नागराजन और प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेशन ने अपनी बुनियादी सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने भाजपा से किनारा कर अपना नया संगठन बनाया है, जिसमें अब तक सात लाख से अधिक लोग स्वेच्छा से शामिल हो चुके हैं। इन इस्तीफों से तमिलनाडु भाजपा में हलचल मच गई है और पार्टी के भीतर अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
इस्तीफे की घोषणा के बाद करुणा नागराजन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के भीतर परिवारवाद पर अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर सांसद और विधायक एक ही परिवार से बनते हैं, तो अगली बार किसी और परिवार को मौका दिया जाना चाहिए। नागराजन के इस बयान को अन्नामलाई के नए संगठन की विचारधारा से जोड़कर देखा जा रहा है, जो नए चेहरों और व्यापक भागीदारी पर जोर दे रहा है। उन्होंने अन्नामलाई के नए संगठन की तारीफ करते हुए कहा कि इसके तहत केवल एक ही परिवार के सदस्य स्थायी रूप से इन पदों पर आसीन नहीं रहेंगे, बल्कि नए लोगों को अवसर मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 7 लाख से अधिक लोग पहले ही स्वेच्छा से इस संगठन का हिस्सा बन चुके हैं, जो अन्नामलाई के बढ़ते जनाधार को दर्शाता है और तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है।
अन्नामलाई के आंदोलन में शामिल हुए नागराजन
नागराजन ने स्पष्ट किया कि वे और उनके साथी अन्नामलाई के समर्थन में उनके आंदोलन में शामिल हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्नामलाई को तमिलनाडु के लोगों, युवाओं और महिलाओं का व्यापक समर्थन प्राप्त है। नागराजन के अनुसार, तमिलनाडु की जनता जिस बौद्धिक नेतृत्व की अपेक्षा करती है, वह केवल अन्नामलाई के पास ही है। उन्होंने अन्नामलाई को एक सशक्त नेता बताया, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को राज्य के दूरदराज के गांवों तक पहुंचाया। नागराजन ने दिल्ली के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी बातें लोगों को समझ नहीं आ रही हैं और वे स्थानीय भावनाओं से कटे हुए हैं। यह बयान भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
अन्नामलाई के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में समर्थक हैं, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। नागराजन ने कहा कि अन्नामलाई एक ऐसे व्यक्ति हैं जो हर क्षेत्र में बेबाक राय रख सकते हैं, और तमिलनाडु के लोग उन्हीं जैसे नेताओं की उम्मीद करते हैं जो सीधे और स्पष्टवादी हों। गौरतलब है कि अन्नामलाई ने कुछ दिन पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा पत्र सौंपकर भारतीय जनता पार्टी से अलग होने की घोषणा की थी। खबरों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद से तमिलनाडु में भाजपा को लगातार झटके लग रहे हैं और पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
अन्नामलाई के आंदोलन से बड़ी संख्या में जुड़ रहे लोग
अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने और नए संगठन की घोषणा के बाद से विभिन्न लोग बड़ी संख्या में उनके आंदोलन से जुड़ रहे हैं। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे करुणा नागराजन और प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेशन का इस्तीफा इसी कड़ी का हिस्सा है, जो दर्शाता है कि अन्नामलाई का प्रभाव राज्य में तेजी से फैल रहा है। इन नेताओं के स्वेच्छा से पार्टी छोड़कर अन्नामलाई आंदोलन में शामिल होने से तमिलनाडु भाजपा को एक बड़ा झटका लगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में कई और नेता और कार्यकर्ता अन्नामलाई के इस नए राजनीतिक आंदोलन से जुड़ सकते हैं, जिससे राज्य में भाजपा की स्थिति और कमजोर हो सकती है तथा आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर गहरा असर पड़ सकता है।
Chennai: Tamil Nadu BJP vice president Karu Nagaraajan resigned from the party and joined K. Annamalai’s political movement today. pic.twitter.com/V7RxPuQoPn
— ANI (@ANI) June 5, 2026






