Hindi News

लाखों की कमाई फिर भी टैक्स फ्री, जानें कौन हैं इस खास छूट के हकदार

Written by:Vijay Choudhary
Published:

इस समय पूरे देश में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का दौर चल रहा है। लोग अपनी कमाई का हिसाब लगाकर इनकम टैक्स भर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा राज्य भी है, जहां के लोगों को इनकम टैक्स देने की जरूरत ही नहीं होती? जी हां, हम बात कर रहे हैं सिक्किम की।

क्यों नहीं देना पड़ता सिक्किम के लोगों को टैक्स?

भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(26AAA) के तहत सिक्किम के मूल निवासियों को इनकम टैक्स से छूट दी गई है। दरअसल, 1950 में भारत और सिक्किम के बीच हुए शांति समझौते में कुछ शर्तें तय की गई थीं। इनमें एक शर्त ये भी थी कि सिक्किम के लोगों को कभी टैक्स नहीं देना होगा। यही वजह है कि जब 1975 में सिक्किम भारत का हिस्सा बना, तब यह टैक्स छूट वाला नियम भी लागू हो गया।

किसे मिलता है टैक्स फ्री का फायदा?

टैक्स छूट सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलती है, जिन्हें सिक्किम का “मूल निवासी” माना जाता है।
इसके लिए दो जरूरी बातें हैं:-आपके पास सिक्किम सब्जेक्ट रजिस्टर में नाम होना चाहिए या आप किसी ऐसे व्यक्ति के वंशज हों, जिसका नाम इस रजिस्टर में दर्ज है।

यह रजिस्टर 1950 से पहले के निवासियों के रिकॉर्ड के लिए बनाया गया था। बाद में 1989 में नागरिकता संशोधन आदेश के जरिए इन लोगों को भारत का नागरिक माना गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी 26 अप्रैल 1975 तक सिक्किम में रह रहे भारतीय नागरिकों को सिक्किम के “मूल निवासी” का दर्जा दे दिया। इसके बाद करीब 95% आबादी को टैक्स देने से छूट मिल गई।

टैक्स कानून में क्यों नहीं किया गया कोई बदलाव?

भले ही हर साल देश में टैक्स स्लैब बदला जाता है या नए टैक्स नियम लागू होते हैं, लेकिन सिक्किम के टैक्स नियम आज भी वैसे के वैसे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अब तक सिक्किम की टैक्स छूट से जुड़ी धारा में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मकसद है – स्थानीय लोगों को राहत देना और उनके ऊपर टैक्स का बोझ नहीं डालना।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
Follow Us :GoogleNews