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एक साल के FD पर मिलेगा 7.90% रिटर्न, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने बढ़ाया ब्याज, नए रेट लागू, यहाँ करें चेक 

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एचडीएफसी बैंक ने बल्क एफडी के ब्याज दरों में वृद्धि की है। पाँच साल के डिपॉजिट पर 7% तक इंटरेस्ट मिल रहा है। आइए जानें ग्राहकों को कितना रिटर्न मिल रहा है? 
एक साल के FD पर मिलेगा 7.90% रिटर्न, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने बढ़ाया ब्याज, नए रेट लागू, यहाँ करें चेक 

HDFC Bank FD Rates: देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव किया है। नए रेट प्रभावी चुके हैं। सामान्य नागरिकों को 1 साल के एफडी पर 7.40% ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम इंटरेस्ट रेट 7.90% है।

बैंक ने बल्क डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोत्तरी की है। इसमें ग्राहक 3 करोड़ रुपए से लेकर 5 करोड़ रुपए से कम का निवेश कर सकते हैं। रेगुलर और बल्क दोनों एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% एक्स्ट्रा ब्याज बैंक दे रहा है।

एफडी पर मिल रहा कितना रिटर्न? (Bulk FD Interest Rates)

एचडीएफसी बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक सामान्य नागरिकों को बल्क डिपॉजिट पर 4.75% से लेकर 7.40% तक ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 5.25 प्रतिशत से लेकर 7.90% ब्याज मिल रहा है। रेगुलर डिपॉजिट यानि 3 करोड रुपए से कम के डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को 3% से लेकर 7.25% तक ब्याज मिल रहा है। 7 दिन से लेकर 10 वर्ष का अलग-अलग टेन्योर बैंक ऑफर कर रहा है।

टेन्योर के हिसाब से एफडी के नए रेट (Fixed Deposit)

  • 7 से 14 दिन- 4.75%
  • 15 से 29 दिन- 4.75%
  • 30 से 45 दिन- 5.50%
  • 46 से 60 दिन- 5.75%
  • 61 से 90 दिन- 6%
  • 90 दिन से अधिक और 6 महीने तक- 6.50%
  • 6 महीने 1 दिन से लेकर 9 महीने तक- 6.85%
  • 9 महीने 1 दिन से लेकर 1 साल से कम- 6.75%
  • 1 साल से लेकर 15 महीने से कम- 7.40%
  • 15 महीने से लेकर 18 महीने से कम- 7.05%
  • 8 महीने से लेकर 21 महीने से कम- 7.25%
  • 21 महीने से लेकर 2 साल तक-7.05%
  • 2 साल 1 दिन से लेकर 3 साल तक- 7%
  • 3 साल 1 दिन से लेकर 5 साल तक- 7%
  • 5 साल 1 दिन से लेकर 10 साल तक- 7%

 

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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