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GST New Rules: नए वित्तवर्ष में हुए जीएसटी से जुड़े कई बदलाव, यहाँ जानें

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GST New Rules: नए वित्तवर्ष में हुए जीएसटी से जुड़े कई बदलाव, यहाँ जानें

GST New Rules: नए वित्तवर्ष में कई बदलाव हुए हैं। योजनाओं से लेकर इनकम टैक्स तक कई नियम बदल चुके हैं। वित्तवर्ष 2023-24 की शुरुआत के साथ जीएसटी से जुड़े कई नियमों में भी सरकार ने बदलाव किया है। जिसका असर टैक्सपेयर्स पर भी होगा ।यदि आपको इस बारे में जानकारी नहीं है तो हमारी यह खबर आपके बेहद काम आ सकती है।

ई-चालान के लिए प्राइवेट आईआरपी लॉन्च

जीएसटी नेटवर्क ने चार नए रजिस्ट्रेशन पोर्टल लौननच किये हैं। सभी पोर्टल को ई-चालान के अधीन करदाताओं के अपने व्यवसायों के लिए ई-चालान को जेनरैट करने के लिए वित्तवर्ष 2023-24 में शुरू किया गया है। इनकी मदद से टैक्स पेयर्स न्यूनतम डाउनटाइम के साथ हाई स्कलिबीटी और विश्वसनीयता के साथ एक सहज ई-चालान के एक्सपिरियन्स के लिए IRP का लाभ उठा सकते हैं। नए चलाना पोर्टल में einvoice4.gst.gov.in, einvoice3.gst.gov.in, einvoice5.gst.gov.in और einvoice6.gst.gov.in शामिल हैं।

Annexure-v फाइल करना होगा अनिवार्य

नए नियमों के तहत आईटीसी दावों के साथ 12 फीसदी जीएसटी भुगतान करने के ऑप्शन को चुनने के लिए ट्रांसपोर्ट एजेंसियों (जीटीए) को Annexure-v फाइल करना होगा। इसके अलावा Annexure-v  घोषणा जीटीए को वित्तवर्ष 2023-24 के दौराब इनपुट तक क्रेडिट का दावा करने के लिए 12 फीसदी पर फॉरवर्ड चार्ज के आधार पर जीएसटी भुगतान करने की इजाजत देता है। बता दें कि एनुअल डिक्लेयरेशन के लिए निर्धारित तिथि 15 मार्च थी। बावजूद जिसके जिन भी टैक्सपेयर्स ने  Annexure-v फाइल नहीं करवाया है, वे ज्यूरीडिक्शन ऑफिसर को लिखित रूप से कारण बता कर यह कार्य सम्पन्न कर सकते हैं।

-चालान में 6 अंकों की वाली HSN हुई अनिवार्य

ई-इन्वॉयसिंग के के लिए अब 6 अंकों वाले HSN को अनिवार्य कर दिया गया है। अन 4 अंकों वाला एचएसएन मान्य नहीं होगा। NIC द्वारा जारी की गई एड्वाइज़री के मुताबिक सिस्टम 4 अंकों वाले  एचएसएन को ब्लॉक कर देगा।

ई-चालान पोर्टल पर स्वैच्छिक ई-चालान सक्षम करने की सुविधा

सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपये से कम एसटीओ वाले करदाताओं की टर्नओवर कैटेगरी को कम करने के लिए ई-चालान सिस्टम को विस्तार करने की प्लानिंग हो रही है। ई-चालान पोर्टल ने उन सभी करदाताओं के स्वैच्छिक सक्षमता को मंजूरी दे है, जो ई-चालान मैंडेट के दायरे में नहीं आते हैं। हालांकि इसकी अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है

 

Manisha Kumari Pandey
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