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देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने दिया झटका! महंगा किया लेनदेन, अब कई सेवाओं पर लगेगा ज्यादा चार्ज

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एचडीएफसी बैंक ने कई सेवाएं महंगी कर दी है। शुल्क में वृद्धि की गई है। फ्री चेकलीव्स की संख्या भी घटाई गई है। आइए जानें अब ग्राहकों को किस सर्विस के लिए कितना चार्ज देना होगा? 
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने दिया झटका! महंगा किया लेनदेन, अब कई सेवाओं पर लगेगा ज्यादा चार्ज

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने ग्राहकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक ने कई सेवाओं के लिए चार्ज में संशोधन किया है, जो अगस्त महीने की पहली तारीख से लागू हैं। इस लिस्ट में कैश ट्रांजैक्शन, चेक बुक चार्ज, आईएमपीएस, आरटीजीएस, चेक रिटर्न और एनईएफटी लेनदेन शामिल है। बैंक में IPIN जेनरेशन  पूरे तरीके से निशुल्क करने का ऐलान किया है। इससे पहले रेगुलर कस्टमर को 40 रूपये और सीनियर सिटीजंस को 36 का शुल्क भुगतान करना पड़ता था।

कैश ट्रांजैक्शन सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब चार फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा ग्राहकों को मिलेगी। लिमिट पर होने पर 150 रूपये प्रति लेन देन शुल्क का भुगतान करना होगा। इसमें सेल्फ और थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन दोनों शामिल हैं। इसके अलावा एक लाख रुपये मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलेगी। लिमिट पार होने पर हर 1000 रूपये ट्रांजैक्शन पर 5 रूपये शुल्क लगेगा। थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन की लिमिट 25,000 रूपये प्रतिदिन है इससे पहले 2 लाख रूपये निशुल्क ट्रांजैक्शन की सुविधा ग्राहकों को बैंक ऑफर कर रहा था।

चेक से जुड़े नए नियम

अब ग्राहकों को साल में 25 नहीं बल्कि 10 फ्री चेकबुक लीव्स मिलेंगे। 10 एडिशनल लीव्स की सुविधा भी रहेगी। प्रत्येक के लिए 4 रूपये शुल्क का भुगतान करना होगा। पहले 25 लीव्स के लिए 100 रूपये शुल्क लगता था।

चेक रिटर्न और विड्रॉ चार्ज में भी संशोधन हुआ है। पहले रिटर्न पर 500 रूपये और दूसरे रिटर्न पर 550 रूपये शुल्क लगेगा। यह चार्ज वित्तीय कारणों पर लागू होंगे। जुलाई में पहले रिटर्न पर 450 रुपये, दूसरे पर 500 रूपये और तीसरे या इससे अधिक के चेक रिटर्न पर 550 रुपये चार्ज लगता था। वहीं टेक्निकल कारणों के लिए अभी भी शुल्क 50 रूपये है। वरिष्ठ नागरिकों को 5 रूपये की छूट मिलेगी।

कैसे लेनदेन होंगे महंगे?

आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस शुल्क में भी बदलाव किया गया है। आरटीजीएस के जरिए  2 लाख से लेकर 5 लाख रूपये तक के लेनदेन पर 20 चार्ज का भुगतान रेगुलर कस्टमर को करना होगा। 5 लाख रूपये से अधिक के लेनदेन पर 45 रूपये चार्ज लगेगा। इससे पहले 2 लाख रूपये से अधिक के लेनदेन पर 15 रूपये चार्ज लगता था।

ब्रांच के जरिए एनईएफटी लेनदेन शुल्क में भी बढ़ोत्तरी की गई है। अब 10,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर दो रूपये शुल्क का भुगतान करना होगा। इससे पहले 1 लाख तक के ट्रांजैक्शन पर 2 रूपये चार्ज लगता था। 1 लाख तक के ट्रांजैक्शन पर 4 रूपये, एक लाख से लेकर 2 लाख रूपये  तक के ट्रांजैक्शन पर 14 रूपये और 2 लाख से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 24 रूपये चार्ज लगेगा। पहले एक लाख रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 10 रूपये चार्ज लगता था।

ऑनलाइन आईएमपीएस ट्रांजैक्शंस शुल्क में भी बदलाव किया गया है। 1000 रूपये तक के लेनदेन पर 2.5 रुपये शुल्क का भुगतान कस्टमर को करना होगा। वही 1000 रूपये से लेकर 1 लाख तक की राशि के लिए 5 रूपये और एक लाख से से अधिक के लेनदेन के लिए 15 शुल्क का भुगतान करना होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए  चार्ज बढ़ाए गए हैं। जहां पहले एक लाख रूपये  तक के ट्रांजैक्शन पर 3 रूपये चार्ज लगता था, अब 10,000 रूपये तक के ट्रांजैक्शन पर 2.25 रूपये और एक लाख रूपये तक के ट्रांजैक्शन पर 4.5 रूपये का भुगतान करना होगा। एक लाख से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 13.5 रुपये चार्ज लगेगा।

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Manisha Kumari Pandey
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