भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 27 मार्च को भारी गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूट गया, जो कुल 1.17% की गिरावट रही। इस गिरावट के बाद सेंसेक्स 74,400 के स्तर पर आकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी आज दबाव में दिखा, जहां यह 270 अंक, यानी 1.16% की कमी के साथ 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर आ गया।

आज के कारोबार में ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने इन क्षेत्रों से मुनाफा कमाकर अपनी पूंजी निकाली, जिसके चलते इन सेक्टर्स के प्रमुख शेयरों में गिरावट आई। सेंसेक्स में शामिल टॉप 30 शेयरों में से अधिकांश में, यानी 26 शेयरों में मामूली बढ़त भी दर्ज की गई, लेकिन कुछ चुनिंदा भारी-भरकम और बाजार को दिशा देने वाले शेयरों में आई तेज गिरावट ने पूरे सूचकांक को नीचे धकेल दिया। इससे बाजार में एक मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां इंडेक्स गिरा लेकिन व्यक्तिगत स्टॉक में कुछ हरकत बनी रही।

यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब शेयर बाजार मंगलवार, 26 मार्च को राम नवमी के त्योहार के चलते बंद था। इससे पहले सोमवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी।

बुधवार को बाजार ने भरी थी जोरदार उड़ान

इससे पहले, बुधवार, 25 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था। उस दिन सेंसेक्स में 1,205 अंक (1.63%) की जोरदार तेजी दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह 75,273 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 394 अंक (1.72%) की प्रभावशाली बढ़त के साथ 23,306 के स्तर पर बंद हुआ था। सोमवार की यह तेजी बाजार में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शा रही थी।

बुधवार के कारोबारी सत्र में ऑटो, बैंकिंग, मेटल और FMCG सेक्टर के शेयरों ने बाजार की इस तेजी को आगे बढ़ाया था। इन सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी देखने को मिली थी, जिससे इनके शेयरों के दाम काफी ऊपर चढ़ गए थे। हालांकि, दो दिन बाद ही, बुधवार को इन्हीं ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, जो बाजार के रुख में आए तेज बदलाव को दिखाता है।

बुधवार को मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी जोरदार रौनक रही थी। मिड कैप 100 इंडेक्स में 1,244 अंक (2.30%) का उछाल आया था, और यह 55,331 के स्तर पर पहुंच गया था। इसी प्रकार, स्मॉल कैप 100 इंडेक्स ने भी 401 अंक (2.59%) की प्रभावशाली बढ़त दर्ज की थी, जिसके बाद यह 15,897 पर बंद हुआ था। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि उस दिन छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने खूब रुचि दिखाई थी।

बुधवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में श्रीराम फाइनेंस सबसे ऊपर रहा। कंपनी के शेयर ₹52 बढ़कर ₹956 पर बंद हुए थे, जिसमें कुल 5.78% का शानदार उछाल दर्ज किया गया था। टाइटन कंपनी के शेयरों में भी ₹180 की जबरदस्त तेजी देखने को मिली और यह 4.63% की वृद्धि के साथ ₹4,080 पर पहुंच गया। ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी निवेशकों ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी, जिसके चलते यह ₹106 बढ़कर 4.15% की बढ़त के साथ ₹2,655 पर बंद हुआ था।

इसके विपरीत, बुधवार को निफ्टी के टॉप लूजर्स की बात करें तो टेक महिंद्रा सबसे आगे था। इसके शेयर ₹29 गिरकर ₹1,404 पर बंद हुए थे, जो 2.04% की गिरावट थी। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों में भी ₹4 की कमी आई थी और यह 1.40% गिरकर ₹295 पर बंद हुआ था। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में भी ₹21 की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह 0.87% की कमी के साथ ₹2,378 पर आया था।

कुल मिलाकर, शेयर बाजार ने दो कारोबारी सत्रों में बेहद तेज उतार-चढ़ाव दिखाया है। सोमवार की रिकॉर्ड तेजी के बाद बुधवार की यह भारी गिरावट बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों के बदलते मूड को दर्शाती है। अब सबकी निगाहें अगले कुछ दिनों के बाजार के रुझानों पर टिकी हैं कि क्या यह गिरावट कायम रहेगी या बाजार फिर से वापसी करेगा।