मंगलवार 23 जून को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट दिखाई दी है। इस दौरान कारोबारी सत्र में कुछ समय बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के चलते बढ़त सीमित दिखाई दी। सेंसेक्स 77,150 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 24,100 के स्तर पर बना रहा।
दरअसल सोमवार को बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था और सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर 77,094 के स्तर पर पहुंचा था। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार में तेजी जारी रहेगी, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोरी और कुछ बड़े शेयरों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है।
वेदांता के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट
जानकारी दे दें कि मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा फोकस वेदांता के शेयर पर रहा। कंपनी के प्रमोटर समूह द्वारा ब्लॉक डील के जरिए करीब 2,149 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेचने के बाद शेयर में करीब 6 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। बाजार में जब किसी बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री होती है तो निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ जाती है, जिसका असर शेयर की कीमत पर दिखाई देता है।
पूरे मेटल सेक्टर में दबाव
दरअसल सिर्फ वेदांता ही नहीं, पूरे मेटल सेक्टर में दबाव देखने को मिला। वैश्विक मांग को लेकर बनी चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के कारण निवेशकों ने मेटल शेयरों में मुनाफावसूली की। आईटी सेक्टर भी दबाव में रहा। अमेरिकी टेक शेयरों में आई कमजोरी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा।
वाटरवेज लेजर टूरिज्म लिमिटेड का IPO ओपन हुआ
वहीं बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच प्राथमिक बाजार यानी आईपीओ सेगमेंट में गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड का संचालन करने वाली वाटरवेज लेजर टूरिज्म लिमिटेड का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है। जानकारी के अनुसार कंपनी इस इश्यू के जरिए 585 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। ट्रैवल और क्रूज सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए निवेशकों की नजर इस आईपीओ पर बनी हुई है।






