उज्जैन के काल भैरव मंदिर के सामने मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास की पूजन सामग्री की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखी लकड़ी, अगरबत्ती, तेल और पूजा से जुड़ी अन्य सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में चार दुकानें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा नुकसान
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, कुल पांच दमकल वाहन मौके पर भेजे गए, जिनमें पानी के टैंकर भी शामिल थे। करीब 30 से 45 मिनट की लगातार कोशिश के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई की वजह से आसपास की अन्य दुकानों को जलने से बचा लिया गया। अगर थोड़ी देर और लगती, तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि अभी सही आंकलन जारी है। किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, जो राहत की बात है।
काल भैरव मंदिर के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर सवाल
काल भैरव मंदिर के आसपास हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के बाहर लगी दुकानों में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में बिजली के तार और छोटे-छोटे अस्थायी दुकानों की वजह से खतरा हमेशा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, धार्मिक स्थलों के आसपास फायर सेफ्टी ऑडिट और नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है, लेकिन पूरी जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।






