उज्जैन के रामघाट पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मां शिप्रा तैराक दल ने शिप्रा नदी में जल योग कर सबका ध्यान खींचा। छोटे बच्चों ने पानी में बैलेंस बनाकर योगासन और आकृतियां बनाई। बारिश के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ। इस खास प्रदर्शन ने योग और तैराकी के अनोखे मेल को दिखाया, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
रामघाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे तैराकों ने शिप्रा नदी की लहरों पर संतुलन बनाकर योग का अनोखा रूप पेश किया। बच्चों ने पानी में योगासन के साथ-साथ योग पिरामिड और ग्रुप फॉर्मेशन भी बनाए। इसके अलावा अनुलोम-विलोम और ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी जल में ही की गईं। मां शिप्रा तैराक दल पिछले कई सालों से इस तरह के प्रयोग करता आ रहा है। संस्था का मकसद बच्चों में तैराकी के साथ-साथ योग और अनुशासन को भी बढ़ावा देना है।
शिप्रा नदी में योग प्रदर्शन का अनोखा नजारा
उज्जैन का रामघाट हमेशा धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, लेकिन योग दिवस पर यहां का नजारा बिल्कुल अलग था। शिप्रा नदी में छोटे-छोटे बच्चों ने जिस तरह से योग किया, उसने लोगों को हैरान कर दिया। पानी की तेज लहरों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन इन बच्चों ने इसे अभ्यास और मेहनत से संभव बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान कई योग प्रशिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित तरीके से जल योग करने के टिप्स भी दिए। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती भी देती हैं। दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामघाट पर ऐसा जल योग प्रदर्शन उज्जैन की पहचान को और मजबूत करता है और योग को नई पीढ़ी तक जोड़ता है।
मां शिप्रा तैराक दल की पहल और बच्चों का जल योग अभ्यास
मां शिप्रा तैराक दल पिछले कई वर्षों से उज्जैन में तैराकी और जल सुरक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। योग दिवस पर इस बार बच्चों ने शिप्रा नदी में योग कर एक नया संदेश दिया कि योग सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि पानी में भी किया जा सकता है।
संस्था के सदस्यों के मुताबिक, बच्चों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे पानी में सुरक्षित रहकर विभिन्न अभ्यास कर सकें। इस साल कार्यक्रम में खास तौर पर योग पिरामिड, ग्रुप बैलेंस और श्वास नियंत्रण अभ्यास को शामिल किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक फोकस भी बढ़ाती हैं। उज्जैन का यह जल योग कार्यक्रम अब धीरे-धीरे एक पहचान बनता जा रहा है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं।






