छत्तीसगढ़ में अगले 3-4 दिनों तक गरज चमक के साथ वज्रपात तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, तत्पश्चात में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
रविवार को सुकमा, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, बस्तर और दंतेवाड़ा में बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। रायपुर में आकाश आंशिक मेघमय, गरज चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने के आसार हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 40 डिग्री सेल्सियस और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात तथा हल्की से मध्यम बारिश हुई। रायपुर में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम केंद्र, रायपुर की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार तक मौसमी ड्रोगिका समुद्र तल पर बनी हुई है। एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। एक ड्रोगिका पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़ से होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से 23-24 जून तक प्रदेश में बादल छाने के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम केंद्र, रायपुर की मानें तो 23 जून 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थिति अनुकूल हैं, ऐसे में 25 जून 2026 से पहले दक्षिण पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ में पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर 13 जून के आसपास मानसून की एंट्री होती है, पिछले साल प्रदेश में 28 मई को मानसून ने प्रवेश किया था।







