छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के बोदरी इलाके में निर्माणाधीन कॉलोनी में जेसीबी मशीन के टायर में हवा भरते समय अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद लोग कई फीट दूर जा गिरे। इस हादसे में एक हेल्पर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखने के बाद लोग हैरान हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब पंचर किए गए टायर में दोबारा हवा भरी जा रही थी। आसपास मौजूद लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कैसे हुआ इतना बड़ा विस्फोट?
जानकारी के मुताबिक बोदरी स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी में जेसीबी मशीन की मरम्मत का काम चल रहा था। टायर पंचर होने के बाद मैकेनिक उसमें हवा भर रहा था। उसी दौरान अचानक टायर फट गया। टायर के अंदर जमा दबाव इतना ज्यादा था कि विस्फोट जैसी स्थिति बन गई।
हादसे में 18 वर्षीय उमाकांत कौशिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि धमाके के बाद वह करीब 15 फीट तक हवा में उछल गया और जमीन पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं जेसीबी ऑपरेटर भूपेंद्र राव, मैकेनिक ओसामा और अमृत यादव को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों के टायरों में हवा भरते समय सुरक्षा दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। टायर के अंदर अत्यधिक दबाव होने पर ऐसी दुर्घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
सुरक्षा मानकों की जांच शुरू
इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि टायर के पास कई लोग मौजूद थे। धमाका होते ही सभी लोग अलग-अलग दिशाओं में उछल जाते हैं। इस दृश्य ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि टायर में कोई तकनीकी खराबी थी या फिर मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि निर्माण स्थलों, वर्कशॉप और भारी मशीनों की मरम्मत के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होना चाहिए। कई बार छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है। बिलासपुर का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घायलों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।






