संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सभी बैंक जल्द ही SMS या ईमेल के जरिए भेजे जाने वाले OTP सिस्टम को पूरी तरह से बंद करने जा रहे हैं। अब ग्राहक को जब भी डिजिटल पेमेंट करनी होगी, तो उसे अपने बैंक के मोबाइल ऐप पर जाकर ट्रांजैक्शन को ‘अप्रूव’ या ‘रिजेक्ट’ करना होगा। यह नया नियम UAE के सेंट्रल बैंक ने लागू किया है।
सभी बैंकों को 31 मार्च 2026 तक इस नियम को अपनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी कि इस तारीख के बाद कोई भी बैंक OTP भेजकर ट्रांजैक्शन की मंजूरी नहीं ले सकेगा।
क्यों लाया गया यह बदलाव?
इस बदलाव का मुख्य कारण है- साइबर सिक्योरिटी को मजबूत बनाना। आजकल साइबर ठग OTP चुराकर लोगों के बैंक खातों को खाली कर देते हैं। वे फिशिंग, सिम-स्वैपिंग और मैलवेयर जैसी तरकीबों से OTP हासिल कर लेते हैं।
UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के अनुसार, वहां हर दिन 50,000 से ज्यादा साइबर अटैक की घटनाएं हो रही हैं। साल 2024 में रैनसमवेयर हमलों में 32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में OTP आधारित सुरक्षा अब सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।
अब क्या करना होगा ग्राहकों को?
नई व्यवस्था में जब भी आप कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करेंगे, आपके मोबाइल पर बैंक ऐप से एक नोटिफिकेशन आएगा। इसमें आपको पूछा जाएगा कि आप ट्रांजैक्शन को ‘Allow’ करना चाहते हैं या नहीं।
इसलिए ग्राहकों को अब ये दो काम जरूर करने होंगे
1. अपने बैंक का मोबाइल ऐप फोन में इंस्टॉल करें
2. मोबाइल ऐप के नोटिफिकेशन ऑन रखें
अगर ऐप फोन में नहीं होगा या नोटिफिकेशन बंद होंगे, तो आप ट्रांजैक्शन अप्रूव नहीं कर पाएंगे और पेमेंट फेल हो जाएगी।
OTP से कैसे होते हैं फ्रॉड?
साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से OTP को चुरा लेते हैं। जैसे:-
फिशिंग:- नकली वेबसाइट या लिंक भेजकर लॉगिन डिटेल और OTP मांग लेना
सिम-स्वैपिंग:- आपका मोबाइल नंबर हैक करके OTP अपने फोन पर मंगवा लेना
मैलवेयर:- फोन में वायरस डालकर OTP पढ़ लेना, कई बार लोग खुद धोखे में आकर OTP किसी अनजान को बता देते हैं, जिससे उनका बैंक बैलेंस मिनटों में गायब हो जाता है।





