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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर दी बड़ी जानकारी, जानें 50% टैरिफ घटकर 18% कब होगा, कब होंगे समझौते पर हस्ताक्षर

Written by:Ankita Chourdia
Published:
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर अगले चार से पांच दिनों में एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। इसके बाद अमेरिका एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर देगा, और इस समझौते पर मार्च के मध्य तक औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर दी बड़ी जानकारी, जानें 50% टैरिफ घटकर 18% कब होगा, कब होंगे समझौते पर हस्ताक्षर

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी है कि दोनों देशों के बीच हुए बड़े ट्रेड डील पर अगले चार से पांच दिनों के भीतर एक संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि अमेरिका भारतीय सामान पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी में है।

यह वही हाई-प्रोफाइल ट्रेड डील है जिसका ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में किया था और इस पर करीब एक साल से बातचीत चल रही थी। इस समझौते से भारत के करीब 30 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

कब आएगा संयुक्त बयान और कब होंगे हस्ताक्षर?

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पीयूष गोयल ने इस पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा बताई। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पहली किस्त लगभग पूरी तरह से तैयार है।

“भारत और अमेरिका के बीच बहुत अच्छी बातचीत चल रही है… हमें उम्मीद है कि अगले चार से पांच दिनों में या उससे पहले, भारत और अमेरिका के बीच एक संयुक्त बयान जारी हो जाएगा और उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।” — पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त बयान जारी होने के बाद एक औपचारिक ड्राफ्ट एग्रीमेंट तैयार होगा। इस अंतिम समझौते पर नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है।

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से लागू होगा नया टैरिफ

पीयूष गोयल ने बताया कि भारतीय सामान पर टैरिफ में यह बड़ी कटौती अमेरिका के एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लागू होगी। यह ऑर्डर संयुक्त बयान जारी होने के लगभग दो दिन बाद आ सकता है। उन्होंने कहा, “संयुक्त बयान चार से पांच दिन में, या उससे पहले भी आ सकता है। हमने इस पूरी प्रक्रिया को काफी तेज रखा है।”

मौजूदा समय में भारत पर 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ और 25 प्रतिशत का पेनल्टी टैरिफ (रूस से तेल खरीदने के कारण) लगा हुआ है, जो कुल मिलाकर 50 प्रतिशत होता है। नए समझौते के तहत यह घटकर सिर्फ 18 प्रतिशत रह जाएगा।

किन भारतीय उद्योगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

इस फैसले का सीधा असर भारत के श्रम-प्रधान निर्यात क्षेत्रों पर पड़ेगा। इनमें मुख्य रूप से टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, लेदर प्रोडक्ट्स, जूते-चप्पल, समुद्री उत्पाद और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) से जुड़े सामान शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि टैरिफ में भारी कमी से इन सेक्टरों के उत्पादों की अमेरिकी बाजार में मांग और बिक्री दोनों बढ़ेगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ होगा।

समझौते की प्रक्रिया पर वाणिज्य सचिव का स्पष्टीकरण

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इस प्रक्रिया पर और अधिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब नेताओं के स्तर पर कोई डील फाइनल हो जाती है, तो उसके बाद संयुक्त बयान जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है।

अग्रवाल ने यह भी साफ किया कि भारत की ओर से टैरिफ में कोई भी कटौती कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ही की जाएगी, क्योंकि भारत में टैरिफ MFN (Most Favoured Nation) सिस्टम के तहत काम करते हैं। वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए टैरिफ में बदलाव कर सकते हैं, इसलिए वहां यह प्रक्रिया पहले पूरी हो सकती है।