रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दो बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 6 महीने का प्रतिबंध लगाया है। अशोक सहकारी बैंक लिमिटेड अहमदाबाद को 28 अगस्त और द सिटीजंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड जम्मू को 27 अगस्त से बिजनेस बंद करने का आदेश जारी किया गया है। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 35A और धारा 56 के तहत उठाया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने अपनी अधिकारी वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
प्रतिबंध के बाद दोनों ही बैंकों को आरबीआई के लिखित मंजूरी के बिना कोई भी लोन या एडवांस देने या रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। कोई निवेश और कोई देनदारी भी बैंक नहीं कर सकते हैं। नए डिपॉजिट को स्वीकार करने, कोई भी पेमेंट या एग्रीमेंट करने के साथ-साथ समझौता व्यवस्था करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बैंकों को प्रॉपर्टी या एसेट बेचने या ट्रांसफर करने या इसका निपटान करने की अनुमति भी नहीं होगी। कुछ शर्तों के अधीन डिपॉजिट के बदले लोन सेट-ऑफ करने की अनुमति दी गई है।
आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?
दोनों ही बैंकों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। आरबीआई ने बैंकों के कामकाज में सुधार के लिए बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट के साथ बातचीत की गई थी। सुपरवाइजर चिताओं को दूर करने और खाताधारकों के हितों की रक्षा करने के लिए यह प्रतिबंध लगाना जरूरी समझ गया। जिसका असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा। हालांकि केंद्रीय बैंक में स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई को बैंकिंग लाइसेंस रद्द होना नहीं माना जाएगा। 6 महीने तक बैंकों के स्थिति की निगरानी की जाएगी। यदि कुछ सुधार होता है, तो निर्देशों में बदलाव भी किए जाएंगे।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
द सिटीजंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड जम्मू के वर्तमान लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए ग्राहकों को सेविंग अकाउंट या करंट अकाउंट या किसी भी खाते से 1,25,000 रुपये तक की लिमिट में पैसे निकालने की अनुमति दी गई है। अशोक सहकारी बैंक लिमिटेड अहमदाबाद के ग्राहकों को किसी प्रकार के अकाउंट से कोई भी राशि निकालने की अनुमति नहीं दी गई।
हालांकि दोनों बैंकों के खाताधारक DICGC एक्ट 1961 के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से अपनी राशि के लिए 5 लाख रुपये तक का जमा बीमा दावा पाने के हकदार होंगे। हालांकि इसके लिए जमाकर्ताओं की सहमति और वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।






