दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शनिवार को एक अजीबोगरीब विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जहां श्मशान घाट की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक साथ तीन शवों की अर्थियां सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद लोगों ने शवों को वहां से हटाया और एक निजी जमीन पर उनका अंतिम संस्कार किया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दमोह-कुंडलपुर रोड पर करैया गांव के पास लोगों ने जाम लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए कोई निर्धारित श्मशान घाट नहीं है। कुछ दिनों पहले तक लोग रेलवे की जमीन पर शवों का अंतिम संस्कार कर लेते थे लेकिन रेलवे ट्रैक पर तीसरी लाइन का काम शुरू होने के बाद यह विकल्प भी छीन लिया गया।
शुक्रवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों की थी सुसाइड
शुक्रवार को करैया हजारी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। जहां एक युवक ने ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी थी। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद उसके माता-पिता भी ट्रेन के सामने आ गए और दोनों ने भी अपनी जान दे दी। इसके बाद शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद परिजन शवों को लेकर गांव पहुंचे। लेकिन अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं होने की समस्या सामने खड़ी हो गई। इसके बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
जैसे ही इस चक्काजाम की खबर प्रशासन के कानों तक पहुंची तो राजस्व और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश दी और मौके पर ही अधिकारियों ने श्मशान घाट के लिए जमीन भी चिन्हित की जिसके बाद लोग तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। फिलहाल तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है और अधिकारी कह रहे है कि जल्दी ही श्मशान घाट को व्यवस्थित किया जाएगा।





