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RBI का सख्त कदम: नियम तोड़ने वाले 4 बैंकों पर गिरी गाज, लगा भारी-भरकम जुर्माना 

आरबीआई ने चार बैंकों पर पेनल्टी लगाई है। इस लिस्ट में एमपी के 3 बैंक शामिल हैं। नियमों का सही से अनुपालन न होने पर यह कदम उठाया गया था। आइए जानें कहीं इनमें से किसी एक में आपका खाता तो नहीं?
rbi action

भारतीय रिज़र्व बैंक अगस्त में करीब 20 से अधिक बैंको पर के खिलाफ़ कार्रवाई (RBI Action) कर चुका है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगा चुका है। सितंबर में भी आरबीआई का एक्शन जारी है। सोमवार पर 4 बैंकों पर बीआर एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत पेनल्टी लगाई है। इस लिस्ट में मध्य प्रदेश के तीन और गुजरात का एक बैंक शामिल है।

मार्च 2024 में बैंकों के फाइनेंशियल स्टेटस की जांच के लिए निरीक्षण किया था। इस दौरान नियमों की अनदेखी का पता चला। सभी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और पूछा गया कि दिशानिर्देशों का पालन न होने पर पेनल्टी क्यों न लगाई जाए। आगे जांच जारी रही। बैंक के रिप्लाई, प्रस्तुतियों और दस्तावेजों के आधार पर जब आरोप सही पाए गए, तब जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।

एमपी के इन बैंकों पर लगा जुर्माना 

आरबीआई उज्जैन में स्थित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित और नर्मदापुरम में स्थित जिला सहकारी केंद्र पर एक-एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं दमोह में स्थित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। तीनों  बैंक निर्धारित समय के भीतर पात्र दावा न की गई राशि को डिपॉजिट एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर करने में विफल रहें।

गुजरात के इस बैंक पर गिरी गाज 

गुजरात के सूरत में स्थित द सूरत पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित समय के भीतर कुछ उधारकर्ताओं से जुड़े लोन की जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटर ऑफ इनफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट (CRILC) को रिपोर्ट नहीं कर पाया है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद इसपर 18.50 रुपये का जुर्माना लगाया है।

आरबीआई ने इस कार्रवाई की जानकारी 1 सितंबर को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। यह भी स्पष्ट किया है कि इस एक्शन का प्रभाव बैंक और ग्राहकों के बीच होने वाले लेनदेन या समझौते पर नहीं पड़ेगा। इसलिए खाताधरकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

Manisha Kumari Pandey
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