जब भी कोई बैंक नियमों का उल्लंघन करता है, तो रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है। एक बार फिर आरबीआई का बड़ा एक्शन सामने आया है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में स्थित पांच अलग-अलग बैंकों पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले एक संवैधानिक निरीक्षण किया था गया था। जिस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में कमियों का खुलासा हुआ था।
तेलंगाना के द महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आंध्र प्रदेश के द वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 50,000 रुपये और द बेलगावी डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तमिलनाडु में स्थित द प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर सेंट्रल बैंक ने 50,000 रुपये और वीटा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड महाराष्ट्र पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्या है वजह?
- द महबूबनगर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए थे।
- द गुंटूर वुमेन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड ने सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर ग्राहकों का केवाईसी रिकॉर्ड अपलोड नहीं किया।
- द बेलगावी डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। इसके अलावा निर्धारित सीमा से बाहर बुलेट रीपेमेंट स्कीम के तहत गोल्ड लोन की अनुमति। इतना ही नहीं नॉन रेजिडेंशियल कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए लोन भी स्वीकृत किए थे।
- द प्रकासपुरम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड ने पिछले साल उसके जमा हुए मुनाफे से डिविडेंड दिया था।
- वीटा मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड कुछ नॉमिनल मेंबर्स को तय रेगुलेटरी लिमिट से ज्यादा लोन दिए। कुछ उधारकर्ताओं को पेनल्टी चार्ज लगाने और उसका कारण नहीं बताया।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
आरबीआई/नाबार्ड द्वारा इन सभी बैंकों के वित्त स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ। जिसके बाद सभी बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया। नोटिस पर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला केंद्रीय बैंक ने लिया। इस कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेने या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि खुद सेंट्रल बैंक में नोटिफिकेशन में की है।
यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन






