एक बार फिर नवंबर में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की कार्रवाई देखने को मिली है। आरबीआई ने तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक लिमिटेड पर भारी मैट्रिक जुर्माना लगाया है। बता दें यह प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख और देश के पुराने बैंकों में से एक है। इसकी स्थापना 1921 में हुई थी। इसका हेडक्वार्ट थूथुकुड़ी तमिलनाडु में स्थित है। लेकिन यह कमर्शियल बैंक के तौर पर देशभर में कई स्थानों पर 500 से अधिक शाखाओं का संचालन कर करता है।
इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। 13 नवंबर को पेनल्टी का आदेश बैंक को जारी किया गया था। 31 मार्च 2024 को बैंक के वित्त स्थिति के संदर्भ में एक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के उल्लंघन का पता चला। जिसके बाद बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आए जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोपों को सही पाया गया। जिसके बाद बैंक पर 39.60 लाख रुपये पेनल्टी लगाने का फैसला केंद्रीय बैंक ने लिया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
बैंक में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई का इस्तेमाल करके भुगतान करने के लिए बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों पर अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क लगाया। निर्धारित अवधि के भीतर जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में पात्र राशि भी ट्रांसफर नहीं की थी। ऐसे में पेमेंट एंड सेटेलमेंट सिस्टम एक्ट 2007 के सेक्शन 10ए और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के सेक्शन 26ए का उल्लंघन हुआ।
ग्राहकों को चिंता की जरूरत नहीं
यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है। ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी एग्रीमेंट या ट्रांजेक्शन की वैधता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि नोटिफिकेशन में की गई है। आरबीआई ने यह भी कहा कि,”इस एक्शन का असर भविष्य में की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर नहीं पड़ेगा। कस्टमर पहले की तरह ही कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक लोन, फिक्स्ड डिपॉजिट, रेकरिंग डिपॉजिट समेत अपनी अन्य कई सेवाएं बिना किसी बाधा जारी रख सकता है।
PR15094C457FFCF8AA4B909FB3FB136B3CE7C6





