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इस बैंक पर गिरी गाज, नियमों का उल्लंघन करने पर RBI ने उठाया सख्त कदम, लगाया जुर्माना 

आरबीआई ने महाराष्ट्र में स्थित एक बैंक पर पेनल्टी लगाई है। नाबार्ड द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। आइए जानें क्या ग्राहकों पर भी इसका असर पड़ेगा?
rbi action

बैंकिंग सेक्टर में दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अक्सर सख्त कदम उठता रहता है। अगस्त में फिर आरबीआई की कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र के एक सहकारी बैंक पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इसकी जानकारी सेंट्रल बैंक ने 10 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

महाराष्ट्र में स्थित द आम्रवती डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। केवाईसी समेत अन्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रवधानों के तहत यह कदम उठाया गया है।

नोटिस जारी करके आरबीआई ने मांगा था स्पष्टीकरण 

31 मार्च तक नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में कमियों का पता चला था। जिसके बाद आरबीआई ने एक नोटिस जारी करते हुए बैंक से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए, तब पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

बैंक ने तोड़े ये नियम

बैंक ने कुछ ग्राहकों को घर ग्राहक के लिए एक यूनिक कस्टमर आइडेंटिफिकेशन कोड देने के बजाय कई कस्टमर आइडेंटिफिकेशन कोड दिए। जिसके कारण आरबीआई द्वारा केवाईसी पर जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ। इसके अलावा बैंक ने कुछ ग्राहकों को एसएमएस भेजे बिना ही एसएमएस अलर्ट लगाया।

ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा 

आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि, “यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाले अन्य किसी कार्रवाई पर इसका कोई असर पड़ेगा।”

Manisha Kumari Pandey
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