रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी कार्रवाई (RBI Action) सामने आई है। अलग-अलग कारणों से 192 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस यानि सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) रद्द कर दिया है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति से जरिए दी है।
आरबीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 के सेक्शन 45-IA (6) के तहत यह कदम उठाया है। सीओआर रद्द होने के बाद अब इन कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के तौर पर बिजनेस की अनुमति नहीं होगी। इस लिस्ट में शामिल एनबीएफसी पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, असम, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में स्थित हैं।
मध्यप्रदेश की 2 कंपनियों का CoR रद्द
मध्य प्रदेश के कटनी में स्थित नोवस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और निप्पोन सर्विसेज एंड होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। पूर्वी दिल्ली में स्थित मेट्रो इंडिया लिमिटेड, पंजाबी बाग नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में स्थित सोलर मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड और साउथ दिल्ली में स्थित Claytone कमर्शियल को-ऑपरेटिव लिमिटेड का भी सीओआर कैंसिल कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित साकेत मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के पटना में स्थित एनकेजे सिक्योरिटीज एंड फाइनेंस लिमिटेड का भी लाइसेंस रद्द हो चुका है।
इन NBFC का लाइसेंस रद्द, यहाँ देखें लिस्टइन कंपनियों से किया सरेंडर
नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर होने पर 6 एनबीएफसी ने अपना सीओआर आरबीआई को सरेंडर किया है। इस लिस्ट में साउथ दिल्ली का साहू जैन लिमिटेड, बैंगलोर का मार्स विनियोग प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई का Cyrus इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता का सार्थक ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, साउथ दिल्ली का कंबाइन होल्डिंग लिमिटेड और कोलकाता का सिद्धिविनायक Tracon प्राइवेट लिमिटेड ने सरेंडर किया है। अनधिकृत कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के मानदंडों को पूरा करने के बाद शेल बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता पश्चिम बंगाल ने अपना सीओआर सरेंडर किया है। 11 ऐसी कंपनियां है जिन्होंने मर्जर/विलय/समापन/स्वैच्छिक हड़ताल के कारण अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है।
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