रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 3 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों और एक बैंक के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। किसी पर जुर्माना तो किसी पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है। सेंट्रल बैंक ने यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 और आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रवधानों के तहत उठाया गया है।
मोगावीर को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (बॉम्बे) को 12 जून से बिजनेस बंद करने का निर्देश जारी किया है, जो 6 महीने तक प्रभावी होगा। जिसके बाद इस बैंक को लोन या एडवांस स्वीकृत करने या इसे रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। समझौता व्यवस्था करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। यह कदम आरबीआई ने कदम बैंक की तरलता स्थिति को देखते हुए उठाया है। 6 महीने तक इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि निर्देशों को लाइसेंस रद्द के रूप में नहीं माना जाएगा।
ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर
इस बैंक को निर्देश की कॉपी बैंक की वेबसाइट या परिसर में आम जनता की जानकारी के लिए लगाने का निर्देश भी दिया गया है। खाते से एक लाख रुपये तक कैश निकालने की अनुमति दी गई है। हालांकि आरबीआई शर्तों के अधीन डिपॉजिट के बदले लोन को सेट ऑफ करने के साथ-साथ कर्मचारियों की सैलरी, किराया, बिजली बिल आदि खर्च की अनुमति भी होगी। प्रत्येक जमाकर्ता अपनी जमा राशि पर DICGC से 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।
PR44810E7DE0940004ED7B5543A59AEDAE3BCइन कंपनियों लगी पेनल्टी
- रेपको होम फाइनेंस लिमिटेड पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी एप्लीकेशन फॉर्म और मंजूरी पत्रों में जोखिम के स्तर को तय करने के तरीके और अलग-अलग तरह के उधरकर्ताओं से अलग-अलग ब्याज का कारण बताने में विफल रही।
- ट्रू क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कंपनी बिना आमने-सामने मिले तरीकों से जुड़े ग्राहकों के लिए एनहैंस्ड ड्यू डिलिजेंस (EDD) का उपाय करने में नाकाम रही।
- आईआईएफएल समस्त फाइनेंस लिमिटेड पर 3.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी की प्रभावी पहचान और रिपोर्टिंग के लिए एक मजबूत सॉफ्टवेयर बनाने में विफल रही। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी सहित जानकारी फाइनेंशियल असेट्स स्टेटमेंट नोटिस टू एकाउंट्स में बताने में भी विफल रही।






