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RBI की बड़ी कार्रवाई, 3 बैंकों पर ठोका जुर्माना, एक पर लगा ताला, लाइसेंस रद्द 

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आरबीआई ने कई बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एक एनबीएफसी पर भी जुर्माना लगाया है। नियमों का उल्लंघन होने पर यह कदम उठाया गया है। आइए जानें कहीं इनमे से एक में अपका खाता तो नहीं?
RBI की बड़ी कार्रवाई, 3 बैंकों पर ठोका जुर्माना, एक पर लगा ताला, लाइसेंस रद्द 

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एक सरकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।  पब्लिक सेक्टर के एक और प्राइवेट सेक्टर के दो बैंकों पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आरबीआई ने दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाया है। यह कार्रवाई दिशानिर्देशों का सही अनुपालन न होने पर की गई है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन आरबीआई ने शुक्रवार को जारी किया था।

लखनऊ में स्थित इंडियन मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस आरबीआई ने रद्द कर दिया है। इस बैंक को 13 फरवरी से कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा रजिस्ट्रार ऑफ़ को-ऑपरेटिव, उत्तर प्रदेश को बैंक को बंद करने और एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध सेंट्रल बैंक द्वारा किया गया है।

क्यों रद्द हुआ लाइसेंस?

आरबीआई ने नोटिफिकेशन में बताया कि इस बैंक के पास कमाई की उम्मीदें कम हैं। यह अन्य कई नियमों का पालन करने में भी नाकाम रहा। यदि इसे चालू रहने दिया जाता है, तो खाताधारकों के हितों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अब इसे डिपाजिट लेने या डिपॉजिट रीपेमेंट करने के साथ-साथ अन्य कहीं बैंकिंग बिजनेस को जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि प्रत्येक खाताधारक DICGC से 5 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक अपने डिपॉजिट का बीमा राशि क्लेम कर सकता है। आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक ग्राहकों की मंजूरी से 2.90 करोड़ रुपये का पेमेंट पहले ही कर दिया गया है।

यहाँ देखें नोटिफिकेशन

इन बैंकों पर लगा जुर्माना 

  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र पर 32.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक ने क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को सेल्फ हेल्प ग्रुप मेंबर लेवल का डेटा रिपोर्ट नहीं किया था। इसके अलावा कुछ अकाउंट में बेनिफिशियल ऑनर्स की पहचान भी नहीं की।
  • डीसीबी बैंक पर 26.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंकों नॉन एग्रीकल्चर गोल्ड लोन अकाउंट में लोन टू वैल्यू  बनाए रखने में विफल रहा।
  • सीएसबी बैंक लिमिटेड पर 63.60 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने ऐसी गतिविधियों की व्यवस्था की, जो बिजनेस कॉरस्पॉडेंट वाली गतिविधियों के स्कोप में शामिल नहीं थी। इसके अलावा बैंक अकाउंट में चार्ज लगाए, यह पक्का किए बिना कि कस्टमर को ऐसे चार्ज के बारे में पहले से पता है या नहीं।

इन दो कंपनियों पर भी गिरी गाज 

आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड पर 5.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी रिस्ट्रक्चरिंग पर कुछ अकाउंट्स को “नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट” के तौर पर वर्गीकृत करने में विफल रहा। वहीं नवी फिनसर्व लिमिटेड पर 3.80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने ग्राहकों को ओवरड्यू लोन के लिए शाम 7:00 बजे से लेकर सुबह 8:00 बजे से पहले संपर्क किया और मैसेज भेजते समय नियमों का अनुपालन करने में असफल रहा।

बता दें कि एक संवैधानिक निरीक्षण के दौरान आरबीआई को पता चला था कि बैंक और एनबीएफसी दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसपर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही पाए गए। फिर केंद्रीय बैंक ने पेनल्टी लगाने का फैसला लिया। हालांकि इसका असर ग्राहकों और बैंकों/कंपनियों के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

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