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RBI की बड़ी कार्रवाई: इन 3 बैंकों पर गिरी गाज, लगा भारी मौद्रिक जुर्माना 

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आरबीआई ने तीन बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का सही से अनुपालन न करने पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। तीनों बैंक देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित है। आइए जानें इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह है और क्या ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा?
RBI की बड़ी कार्रवाई: इन 3 बैंकों पर गिरी गाज, लगा भारी मौद्रिक जुर्माना 

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने तीन बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है, जो महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 10 नवंबर 2025 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। यह कदम दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने पर उठाया गया है। 31 मार्च 2024 को नाबार्ड द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के पालन में खामियों का खुलासा हुआ था।

जांच की रिपोर्ट के आधार पर बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया था कि उनपर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर प्राप्त रिप्लाई और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद आरबीआई ने पेनल्टी लगाने का फैसला लिया।

इन बैंकों पर लगा जुर्माना 

आरबीआई ने द डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड एलुरु आंध्र प्रदेश पर 50,000 का जुर्माना लगाया है। यह बैंक निर्धारित समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपने कस्टमर के केवाईसी रिकॉर्ड को अपलोड नहीं कर पाया। वहीं द मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए थे।

द कराईकुड़ी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड तमिलनाडु पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने कई बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया है। सीआरएआर नियामक सीमा से कम होने के बावजूद अपने सदस्यों को शेयर पूंजी वापस करने की अनुमति दी। शेयरों को उधारी से जुड़े मानदंडों का पालन किए बिना कुछ लोन भी स्वीकृत किए। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर CKYCR पर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को अपलोड भी नहीं कर पाया।

कया ग्राहकों पर पड़ेगा प्रभाव?

इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। वह पहले की तरह सभी लेनदेन जारी रख पाएंगे। इस बात की पुष्टि खुद आरबीआई ने की है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि, “यह एक्शन नियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता पर कोई असर डालना नहीं है। इसके अलावा यह मौद्रिक जुर्माना आरबीआई द्वारा बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर भी कोई असर नहीं डालेगा।”

आरबीआई एक्शन का नोटिफिकेशन यहाँ देखें