RBI की बड़ी कार्रवाई, इस बैंक पर लगा प्रतिबंध, खाताधारक निकाल पाएंगे केवल 5,000 रुपये, जानें डिटेल

आरबीआई ने एक सहकारी बैंक पर प्रतिबंध लगाया है। इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा। लिमिट में पैसे निकाल पाएंगे। आदेश 21 अक्टूबर से लागू है। 
RBI action

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड को 21 अक्टूबर से बिजनेस बंद करने का आदेश जारी किया गया है।  यह प्रतिबंध 6 महीने तक लागू रहेगा। इस दौरान केंद्रीय बैंक नियमित तौर पर बैंक की समीक्षा भी करता रहेगा। ईद कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने बुधवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है।

आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया  है। इसके बाद बैंक कोई भी नया लोन या एडवांस नहीं दे सकता है न ही मौजूदा लोन को रिन्यू कर सकता है। इसे निवेश, नई देनदारी, डिपॉजिट स्वीकार करने और भुगतान करने या भुगतान करने का वादा करने की अनुमति भी नहीं है। आदेश लागू होने के बाद बैंक कोई समझौता या व्यवस्था नहीं कर सकता। न ही किसी भी संपत्ति या परिसंपत्ति को बेच या ट्रांसफर या निपटान कर सकता है।

आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?

आरबीआई ने बैंक को 19 अक्टूबर को निर्देश की एक कॉपी बैंक की वेबसाइट और बैंक परिसर में प्रदर्शित करने का निर्देश भी दिया है। ताकि आम जनता को इसका पता चल सके। यह कदम बैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। ताकि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा हो सके। सेंट्रल बैंक ने बैंक यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का लाइसेंस रद्द होना नहीं माना जाएगा। यदि वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, इन निर्देशों में सभी बताई गई पाबंदियों में के दायरे में रहकर बैंक अपना बैंकिंग कामकाज जारी रखेगा।

ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर 

बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद ग्राहक को खाताधारकों को केवल खाते से 5,000 रुपये तक की राशि निकालने की अनुमति दी गई है। यह प्रतिबंध सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट और सभी खातों पर लागू होगा। बैंक जमा राशि के बदले लोन की भरपाई करने की अनुमति दे सकता है। बैंक कुछ जरूरी खर्च भी कर सकता है, जिसमें कर्मचारियों का वेतन, किराया, बिजली बिल इत्यादि शामिल है।

इसके अलावा प्रत्येक खाताधारक DICGC अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से जमा राशि पर इंश्योरेंस क्लेम प्राप्त करने का हकदार होगा। यह राशि अधिकतम 5 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि इसके लिए खाताधारकों को अपनी सहमति देनी होगी और वेरीफिकेशन प्रोसेस पूरा करना होगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews
RBI की बड़ी कार्रवाई, इस बैंक पर लगा प्रतिबंध, खाताधारक निकाल पाएंगे केवल 5,000 रुपये, जानें डिटेल