Hindi News

इन 2 बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगा भारी जुर्माना, कहीं इनमें आपका Account तो नहीं?

Published:
आरबीआई ने दो बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। नियमों का अनुपालन न होने पर पेनल्टी लगाई है। केवाईसी, टर्म डिपॉजिट समेत कई बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। आइए जानें क्या ग्राहकों पर भी इसका असर पड़ेगा?
इन 2 बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगा भारी जुर्माना, कहीं इनमें आपका Account तो नहीं?

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने तमिलनाडु में स्थित दो सहकारी बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यह कदम संवैधानिक निरीक्षण के बाद उठाया गया है।  देश के सभी बैंकों को रेगुलेट करने की जिम्मेदारी आरबीआई की है। जब भी कोई बैंक दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करता, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाता है। जिसमें जुर्माना से लेकर बैंकिंग लाइसेंस का रद्द होना भी शामिल है।

अब केंद्रीय बैंक ने द अराकोणम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड और द तमिलनाडु सर्किल पोस्टल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर लाखों की पेनल्टी लगाने का फैसला लिया है। इस एक्शन की जानकारी आरबीआई ने 18 दिसंबर गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। किसी ने केवाईसी तो किसी ने लोन से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है। यह कदम बीआर एक्ट 1949 के अलग-अलग प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

2025 में हुआ था निरीक्षण 

31 मार्च 2025 को बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान  नियमों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ।  जिसके बाद आरबीआई ने दोनों बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया। नोटिस पर आई प्रतिक्रिया और सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों और दस्तावेजों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

क्या है वजह?

द अराकोणम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक फाइनेंशियल ईयर 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के अपने नेट प्रॉफिट का 20% कानूनी रिजर्व में ट्रांसफर नहीं कर पाया। कुछ खास मेंबर्स को तय रेगुलेटरी लिमिट से ज्यादा लोन दिए बुलेट रीपेमेंट स्कीम के तहत तय रेगुलेटरी लिमिट से ज्यादा गोल्ड लोन देने की गलती की। ऐसे अकाउंट खोले जो केवाईसी की जरूरत को पूरा नहीं कर रहे थे। इसके अलावा कस्टमर के केवाईसी रिपोर्ट को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर भी अपलोड नहीं कर पाया।

द तमिल नाडु सर्किल पोस्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने फाइनेंशियल ग्रुप से मजबूत और अच्छी तरह से मैनेज्ड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए तय करती क्राइटेरिया को पूरा न करने के बावजूद नॉन मेंबर्स को टर्म डिपॉजिट के बदले एडवांस्ड मंजूर किए।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर

आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है किया है कि इसका कदम नियमों के अनुपालन में खामियों पर आधारित है। इसका मकसद बैंक द्वारा अपने कस्टमर के साथ किए गए किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाले किसी भी अन्य कार्रवाई पर इसका कोई असर पड़ेगा। इन बैंकों जिन लोगों का खाता है, उनके लिए यह चिंता का विषय नहीं है। वह पहले की तरह सभी लेनदेन जारी रख सकते हैं। अन्य सेवाओं का लाभ भी उठा सकते हैं।

आरबीआई एक्शन का नोटिफिकेशन यहाँ देखें 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews