रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) देश भर के सभी बैंकों को ही नहीं बल्कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी को भी रेगुलेट करने का काम करता है। नियमों के अनुपालन खामियों को देखते हुए हमेशा सख्त कदम उठाता रहता है। मार्च में एक बार फिर आरबीआई की कार्रवाई सामने आई है। मानवीय डेवलपमेंट एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सेंट्रल बैंक ने यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 के क्षेत्र प्रावधानों के तहत उठाया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने शुक्रवार अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर दी है।
निदेशक की नियुक्ति से जुड़े लेटर में आरबीआई के निर्देशों का पालन न करने का पता चला था। जिसके आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर कंपनी के जवाब और पर्सनल हायरिंग के दौरान दी गई बातों पर विचार करने के बाद आरबीआई ने काम सभी आरोप सही पाए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?
इस कंपनी पर “गवर्नेंस” पर जारी आरबीआई के कुछ दिशा निर्देशों का अनुपालन न करने का आरोप। कंपनी निदेशक नियुक्त करते समय आरबीआई से पहले से लिखित अनुमति नहीं ली थी। जिसके कारण इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को छोड़कर इसके 30% से ज्यादा निदेशक बदले गए हैं। इस वजह से मैनेजमेंट में कई बदलाव हुए।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई का असर ग्राहकों और कंपनी के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने नोटिफिकेशन में इस बात की पुष्टि की है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि, “यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका मकसद कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।
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