जनवरी 2026 में भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश में स्थित जिला सहकारी बैंक लिमिटेड (माउ) पर केवाईसी से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इस महीने पिनकल कैपिटल सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड (झारखंड) के अलावा मुंबई के संख्या फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड और शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी आरबीआई ने सख्ती दिखाई है, पेनल्टी लगाई है। एक्शन से संबंधित आदेश आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर जारी किया गया है।
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड (माउ) खातों की जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए सिस्टम लागू नहीं कर पाया, जो 6 महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य था। इसके अलावा निर्धारित समय के भीतर ग्राहकों के केवाईसी को भी अपडेट करने में विफल रहा। मार्च 2024 में नाबार्ड द्वारा किए गए एक निरीक्षण में नियमों की अनदेखी का खुलासा हुआ था।
क्या ग्राहकों पर असर पड़ेगा?
भारतीय रिजर्व बैंक देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को रेगुलेट करता है। दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करता है। नियम तोड़ने पर पेनल्टी लगाता है। हालांकि खाताधारकों पर इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने इसकी पुष्टि की है।
यहाँ देखें नोटिफिकेशनकंपनियों पर क्यों लगा जुर्माना?
आरबीआई ने संख्या फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसने एक नॉन-परर्फॉर्मिंग एसेट एक अयोग्य एंटिटी को सौंप दिया था। आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया। शाहा फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड ‘फेयर प्रैक्टिसेस कोड’ के कम्प्लायंस की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए सिस्टम लागू नहीं कर पाई। पिनकल कैपिटल सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा है। कंपनी ने लेंडिंग सर्विस प्रवाइडर से डिफ़ॉल्ट लॉस गारंटी ली थी, जो बकाया लोन पोर्टफोलियो की रकम से 5% ज्यादा थी।
यहाँ देखें नोटिफिकेशनइन कंपनियों का लाइसेंस रद्द
आरबीआई ने इस महीने 35 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानि CoR रद्द किया है। इस सूची में शामिल 34 एनबीएफसी दिल्ली और एक मध्यप्रदेश में स्थिति है। जबलपुर के सत्य प्रकाश कैपिटल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड को अब गैर-बैंकिंग संस्थान के तौर पर लेनदेन करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा 16 कंपनियों ने अपना सीओआर खुद अलग-अलग कारणों से सरेंडर किया है। वहीं केंद्रीय बैंक ने देहरादून में स्थित सोशल लीजिंग इंडिया लिमिटेड का लाइसेंस रिस्टोर कर दिया है।
आरबीआई का आदेश देखें





