Hindi News

एक्शन मोड में RBI, इन 3 बैंकों पर ठोका भारी जुर्माना, दो फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, ये है वजह, पढ़ें खबर 

Published:
आरबीआई ने चार बैंकों पर पेनल्टी लगाई है। इस लिस्ट में मध्यप्रदेश का एक सहकारी बैंक भी शामिल है। दो NBFC का सर्टिफिकेट भी रद्द को चुका है। 
एक्शन मोड में RBI, इन 3 बैंकों पर ठोका भारी जुर्माना, दो फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, ये है वजह, पढ़ें खबर 

RBI Action: नियमों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया हमेशा सख्त रहता है। जो कंपनी या बैंक नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करता रहता है। आरबीआई ने तीन बैंको और एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया है।  इसके अलावा दो फाइनेंस कंपनियों का सर्टिफिकेट भी रद्द कर दिया है।

इस लिस्ट में मध्य प्रदेश के मंदसौर में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भी शामिल है। केरल में स्थित कोट्टाराकारा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड और द कैथोलिक को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तेलंगाना पर भी आरबीआई ने कार्रवाई की है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने गो-कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड, चेन्नई तमिलनाडु पर भी मौद्रिक जुर्माना लगाया है। हीवान जीवन फाइनेंस लिमिटेड और हाई ग्रोथ क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड का सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है।

आखिरी आरबीआई ने बैंकों पर क्यों लगाया जुर्माना? (RBI Monetary Penalty)

  • जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मंदसौर मध्य प्रदेश पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने ने निर्धारित अवधि के भीतर पात्र अघोषित जमा राशि को जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में स्थानंतरित नहीं किया।
  • द कैथोलिक को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक कुछ जमा खातों में परिचालन की निगरानी करने में विफल रहा और उन खातों में शेष राशि न होने पर भी शेष राशि की पुष्टि पत्र जारी किए। निदेशक के रिश्तेदार को लोन भी स्वीकृत किया।
  • कोट्टाराकारा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। उच्च स्तर के एनपीए या डिफॉल्ट वाले क्षेत्रों को ऋण सुविधाएं मंजूर या नवीनीकृत की।

इन तीन एनबीएफसी पर गिरी गाज  (Reserve Bank Of India Action)

भारतीय रिजर्व बैंक ने गोकैपिटल फाइनेंस लिमिटेड पर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी प्रबंधन में परिवर्तन करने के लिए आरबीआई से पूर्व लिखित अनुमति लेने में भी फल रही। जिसके कारण  स्वतंत्र निदेशकों को छोड़कर इसके 30% से अधिक निदेशक बदले गए। दो फाइनेंस कंपनियों सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। अब इन्हें  नॉन बैंकिंग फाइनेंस इंस्टीट्यूशन के तौर पर लेनदेन करने की अनुमति नहीं होगी। हीवान फाइनेंस लिमिटेड  जम्मू और कश्मीर में स्थित है। इसे आरबीआई ने 13 मार्च 2012 को सर्टिफिकेट प्रदान किया था। हाई ग्रोथ क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड सेक्टर 3, नोएडा, उत्तर प्रदेश को 31 अगस्त 2000 को लाइसेंस प्रदान किया गया था।

 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews