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करियर टिप्स: ऑनलाइन करें IIT से ये 5 कोर्स, नहीं लगेगी कोई फीस, बढ़ेगी स्किल, यहाँ देखें लिस्ट 

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देश के कई आईआईटी फ्री में आईटी/कंप्यूटर से जुड़े कोर्स ऑफर कर रहे हैं। छात्र अपने स्किल को बढ़ाने इनमें से किसी का भी चयन कर सकते हैं। आइए जानें कौन-सी संस्थान क्या कोर्स ऑफर कर रही है?
करियर टिप्स: ऑनलाइन करें IIT से ये 5 कोर्स, नहीं लगेगी कोई फीस, बढ़ेगी स्किल, यहाँ देखें लिस्ट 

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Career Tips: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देश के प्रतिष्ठ संस्थानों में से है। कई छात्रों का सपना इसमें पढ़ने का होता है। वर्तमान में आईआईटी कई फ्री कोर्सेस ऑफर कर रहा है। जिसके लिए कोई फीस नहीं लगती। इन पाठ्यक्रमों के जरिए छात्रों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ते हैं। स्किल को भी बढ़ावा मिलता है।

आईआईटी मद्रास दो कोर्स ऑफर कर रहा है। इस लिस्ट में आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी रुड़की और आईआईटी कानपुर भी शामिल हैं। डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग और क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसे कोर्स कर सकते हैं। हालांकि यह छात्रों के रुचि और योग्यता पर निर्भर करता है। आइए एक-एक इन पाठ्यक्रमों के बारे में जानें-

आईआईटी मद्रास 

आईआईटी मद्रास के दो कोर्स करियर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें डेटा साइंस फॉर इंजीनियर्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल-पार्ट-1 शामिल हैं। डेटा साइंस फॉर इंजीनियर्स कोर्स में मशीन लर्निंग, डेटा एनलिटिक्स और स्टेटिस्टिकल मेथड के बारे में पढ़ाया जाता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में रुचि रखने वालों के लिए  इलेक्ट्रिक व्हीकल-पार्ट-1 कोर्स बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है। इसमें ई-व्हीकल टेक्नोलॉजी, डिजाइन और इंप्लिमेंटेंशन के बारे में सिखाया जाता है।

ये कोर्स भी बन सकते हैं बेस्ट ऑप्शन 

  • आईआईटी कानपुर प्रोग्रामिंग इन सी कोर्स ऑफर कर रहा है। यह प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम फंडामेंटल से संबंधित है।
  • आईआईटी खगड़पुर क्लाउड कम्प्यूटिंग फ्री में दे रहा है। इसमें क्लाउड आर्किटेक्चर, डिप्लॉयमेंट मॉडल और सर्विसेज़ के बारे में पढ़ाया जाता है।
  • आईआईटी रुड़की बिजनेस एनालिटिक्स एंड डेटा माइनिंग मॉडलिंग यूजिंग R दे रहा है। इसमें R प्रोग्रामिंग के जरिए डेटा माइनिंग टेक्निक और एनालिटिक्स के बारे में पढ़ाया जाता है।
Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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