केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2027) के लिए डेटशीट जल्द ही जारी कर सकता है। हालांकि इससे संबंधित कोई भी आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है। अभिभावक और छात्र ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट http://www.cbse.gov.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं।
सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के लिए सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र काफी पहले ही जारी कर दिए हैं। दसवीं की परीक्षा साल में दो बार बार आयोजित की जाएगी। पहला सेशन फरवरी-मार्च में होगा। बारहवीं की परीक्षाएं भी फरवरी-मार्च में आयोजित होगी। डेटशीट में विषयवार तारीख और समय की जानकारी होगी। कक्षा 12वीं के स्पोर्ट्स स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड अलग से शेड्यूल जारी करेगा।
ऐसे करें डाउनलोड
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर लेटेस्ट नोटिफिकेशन के लिंक पर क्लिक करें।
- अब कक्षा 10वीं और 12वीं टाइम टेबल के लिंक पर क्लिक करें।
- विषयवार तारीख, समय और दिशानिर्देशों को चेक करें।
- भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार डेटशीट को डाउनलोड या प्रिंट करके रख सकते हैं।
146 दिन पहले जारी हुई थी डेटशीट
कक्षा 9वी और 11वीं रजिस्ट्रेशन डेटा के आधार पर सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए 146 दिन पहले प्रारंभिक अस्थायी डेटशीट जारी कर दी थी। ताकि स्कूल और छात्र पहले से ही परीक्षाओं के लिए तैयारी कर सकते। परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू हुई, डेटशीट 24 सितंबर 2025 को जारी की गई थी। LOC सबमिशन प्रक्रिया मिलने और फाइनल डेटा के आधार पर 110 दिन डेटशीट जारी हुई थी।
LOC सबमिशन के दौरान ये दस्तावेज जरूरी
सीबीएसई ने हाल ही में एलओसी सबमिशन को लेकर सभी सम्बद्ध स्कूलों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। उम्मीदवारों का सही डेटा सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस दौरान स्कूल परीक्षा संगम पोर्टल पर बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट अपलोड करते हैं। जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि छात्रों को सीधे फॉर्म नहीं भरना पड़ता, लेकिन उन्हें जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड्स जमा करने पड़ते हैं। छात्रों का नाम स्कूल एडमिशन रजिस्टर से मैच होना चाहिए। इसके अलावा बर्थ सर्टिफिकेट या आधार कार्ड, फोटोग्राफ, हस्ताक्षर, जाति प्रमाण पत्र/कैटिगरी सर्टिफिकेट, APAAR आईडी इत्यादि की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा फॉर्म में माता-पिता का नाम भी सही होना चाहिए। सीबीएसई ने पिछले साल आपार आईडी को अनिवार्य किया था। लेकिन तकनीकी गड़बड़ी वाली स्थिति और फॉरन स्टूडेंट्स को छूट दी गई थी।






