केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10 अगस्त को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2026-27 से संबंधित सर्कुलर सभी सम्बद्ध स्कूलों को जारी किया है। महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूलों को एसएचबीआर पोर्टल या मोबाइल एप्लीकेशन पर समय से पंजीकरण सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर स्व-आकलन प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा गया है।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने जल स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण सस्टेनेबिलिटी और मिशन लाइफ को स्कूलों में बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का की शुरुआत की है। भारत के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल प्राइवेट UIDSE+ कोड का इस्तेमाल करके पंजीकरण कर सकते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए स्वास्थ्य एवं हेल्थ एंड हाइजीन को बेहतर बनाना है। इसकी शुरुआत नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत की गई है।
फ्रेमवर्क में कोई बदलाव नहीं
सीबीएसई ने अपने सर्कुलर में स्पष्ट किया है SHVR 2026-27 के कार्यान्वयन रूपरेखा, आकलन प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 2025–26 जैसा ही रहेगा। विद्यालयों का मूल्यांकन 6 अलग-अलग क्षेत्रों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें जल, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस, व्यवहारिक परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण और मिशन लाइफ गतिविधियां शामिल है।
स्कूलों को सीबीएसई ने ये सलाह दी
सीबीएसई ने सभी स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे एचएसवीआर गतिविधियों के संबंध में और अपेक्षित अभिलेख एवं साक्ष्य बनाए रखने के लिए उपरोक्त कर्मचारी सदस्यों को नॉमिनेट करें। इसके अलावा सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण के प्रति दायित्वपूर्ण पद्धतियों को बढ़ावा देने में छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय समुदाय की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करने को भी कहा है। इसके अलावा एनसीईआरटी और अन्य प्राधिकरण द्वारा आयोजित ओरिएंटेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में शामिल होने की सलाह भी दी गई है। एसएचवीआर 2026 से संबंधित ब्रोशर, बुकमार्क और गाइडलाइंस के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://shvr.education.gov.in/ विजिट करने की सलाह दी गई है।
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